विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने छात्रों को किया सम्मानित
रामगढ़ : विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रामशोभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन परिसर में जनजातीय संस्कृति, शिक्षा एवं सामाजिक समरसता को समर्पित एक भव्य जागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 08 अगस्त, 2026 को किया गया। इस अवसर पर एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षु शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष भाजपा, सांसद(राज्यसभा) झारखंड एवं शिक्षाविद् श्री आदित्य साहू थे। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज भारत की सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न अंग है, जिसने प्रकृति संरक्षण, सामाजिक मूल्यों तथा राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से जनजातीय परंपराओं, भाषाओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। आदित्य साहू ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि शिक्षक शिक्षा संस्थानों की भूमिका राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने रामशोभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा, सामाजिक जागरूकता तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाविद्यालय भविष्य में शिक्षा, शोध, नवाचार तथा सामुदायिक विकास के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करेगा और क्षेत्र के युवाओं के लिए एक उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत करेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि आदित्य साहू का स्वागत एवं सम्मान महाविद्यालय की चेयरपर्सन डॉ. बंदना कुमारी, निदेशक स्नेह नमन ठाकुर तथा प्राचार्या डॉ. ज्योति वालिया द्वारा पौधा, शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया इस अवसर पर जनजातीय संस्कृति पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी आयोजित की गईं। रोहिणी एवं उनके समूह द्वारा प्रस्तुत गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनों का मन मोह लिया तथा आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि आदित्य साहू द्वारा महाविद्यालय के प्रतिभाशाली एवं सक्रिय विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं उपलब्धियों के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में आकाश अनिल दास, शमा परवीन, रोहिणी लिंडा एवं राखी कुमारी शामिल रहीं ।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ज्योति वालिया ने स्वागत भाषण में कहा कि “विश्व आदिवासी दिवस” का ज्ञानवर्धक कार्यक्रम सभी विद्यार्थियों को समाज, संस्कृति एवं शिक्षा के विविध आयामों से जोड़ते हैं तथा उनके व्यावसायिक एवं शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षु शिक्षकों को विशेषज्ञों के अनुभव एवं ज्ञान से अवगत कराना तथा उन्हें एक सक्षम एवं उत्तरदायी शिक्षक के रूप में विकसित करना था। नई शिक्षा नीति 2020 भी भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा, स्थानीय संस्कृति, कला, हस्तशिल्प और अनुभवात्मक शिक्षा पर विशेष बल देती है। यह हमारे लिए अवसर है कि हम जनजातीय ज्ञान और आधुनिक शिक्षा का सुंदर समन्वय करें।कार्यक्रम के दूसरे चरण में आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान में महर्षि टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य श्री घनश्याम चौरया ने प्रशिक्षु शिक्षकों को संबोधित किया। वक्ताओं ने शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, प्रभावी शिक्षण कौशल तथा शिक्षक के सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने कहा कि एक शिक्षक केवल विषय-वस्तु का ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र एवं मूल्यों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों को शिक्षा के बदलते स्वरूप, नवाचार आधारित शिक्षण तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जे.पी. मिश्रा ने किया। मंच संचालन प्रज्ञा आदित्य एवं उनकी टीम आकाश अनिल दास तथा शमा परवीन द्वारा किया गया।इस अवसर आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. सुनीति, शिवानी कुमारी, अनिल कुमार प्रजापति, प्रज्ञा आदित्य, सौरव कुमार, सुरेश कुमार महतो, कमलेश, रवि रंजन चंदन, रीतेश, ईशा, सुष्मिता, पिन्टु, सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएँ, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : राजीव सिंह
No Previous Comments found.