सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा-यूजीसी ने कुछ भी गलत नहीं किया...

यूजीसी बिल 2026 को लेकर देशभर में जबरदस्त बवाल मचा हुआ है। बिल के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं और मामला धीरे-धीरे सियासी रंग लेता जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव का बयान चर्चा में आ गया है। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों को सही बताते हुए न सिर्फ इसका स्वागत किया है, बल्कि खुलकर समर्थन भी किया है, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
 
रामगोपाल यादव का समर्थन, बोले– यूजीसी ने कुछ भी गलत नहीं किया
 
यूजीसी के नए रेगुलेशन को लेकर रामगोपाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि आयोग ने कोई गलत कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा, “यूजीसी ने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने लोगों को उस अन्याय के बारे में शिकायत करने का मौका दिया है जो हो रहा था।” रामगोपाल यादव का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से जातिगत भेदभाव की शिकायतें सामने आती रही हैं और यूजीसी का यह कदम पीड़ित वर्ग को न्याय दिलाने की दिशा में अहम है।
 
क्या है ‘यूजीसी समता विनियम 2026’ और क्यों हो रहा विरोध
 
दरअसल, यूजीसी इस समय जिस नियम को लेकर विवादों में है, वह है ‘यूजीसी समता विनियम 2026’। 13 जनवरी 2026 को यूजीसी ने उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए यह नया विनियम अधिसूचित किया। इसका उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति आधारित भेदभाव को समाप्त करना है। नियमों के तहत सामान्य वर्ग के लोगों द्वारा एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों या कर्मचारियों के साथ जातिगत भेदभाव किए जाने पर कड़े प्रावधान रखे गए हैं। इन नियमों का विरोध सबसे पहले सोशल मीडिया पर शुरू हुआ, जो बाद में सड़कों पर प्रदर्शन में बदल गया। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां इन नियमों को चुनौती दी गई है। विरोध मुख्य रूप से सामान्य वर्ग के लोगों की ओर से देखने को मिल रहा है, जबकि कई राजनीतिक और सामाजिक संगठन इसका समर्थन भी कर रहे हैं।

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