Starlink विवाद पर राम माधव का राहुल गांधी पर करारा पलटवार
नई दिल्ली: स्टारलिंक (Starlink) के भारत में एंट्री को लेकर मचे घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता राम माधव ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा है। राम माधव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत कोई "बनाना रिपब्लिक" नहीं है, जहां मनमाने फैसले हों। देश में स्पेक्ट्रम आवंटन से जुड़े सभी फैसले पारदर्शी तरीके से स्थापित नियमों, कानूनों और रेगुलेशन के तहत ही किए जाएंगे। राम माधव ने राहुल गांधी के रुख पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, "सबसे दिलचस्प प्रतिक्रिया राहुल गांधी की तरफ से आई है। वह पहले हमें कहते थे कि हम एलोन मस्क और डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक जाते हैं। लेकिन अब ऐसा क्या हो गया है कि वे खुद इतने ज्यादा सरेंडर मोड में दिख रहे हैं?"
उन्होंने कांग्रेस सांसद को घेरते हुए आगे कहा कि कुछ महीने पहले तक कांग्रेस नेता जयराम रमेश और उनके सलाहकार स्टारलिंक को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बता रहे थे। राम माधव ने कटाक्ष करते हुए कहा, "आखिर ऐसा क्या बदलाव आया कि जो लोग पहले हम पर गंभीर आरोप लगा रहे थे, वे रातों-रात एलोन मस्क की सेवा में खड़े हो गए? अब उन्हें 'सरेंडर गांधी' क्यों कहा जाने लगा है?"
"UPA के दौर में हुआ था स्पेक्ट्रम घोटाला"
कांग्रेस पर पुराना निशाना साधते हुए बीजेपी नेता ने कहा कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी को यह नहीं भूलना चाहिए कि यूपीए (UPA) शासनकाल में स्पेक्ट्रम को लेकर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ था और उसे मनमाने तरीके से बेचा गया था। उन्होंने मोदी सरकार की पारदर्शिता की तारीफ करते हुए कहा, "यह नरेंद्र मोदी की सरकार है। यहां कानून और नियमों के दायरे में रहकर ही काम होगा। नियमों के मुताबिक जिसे जो मिलना होगा, वह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत बिना किसी भेदभाव के मिलेगा।" विपक्ष की ओर से 'ओलिगार्क' (कुलीन वर्ग) वाले तंज का जवाब देते हुए राम माधव ने साफ किया कि जिन कंपनियों की ओर इशारा किया जा रहा है, वे भी स्पेक्ट्रम के अलॉटमेंट का इंतजार कर रही हैं। रिलायंस जियो हो या एयरटेल, वे सभी स्टारलिंक की तरह ही नियमों के तहत अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि स्पेसएक्स (SpaceX) के मालिक एलोन मस्क ने भारत में स्टारलिंक के लाइसेंस को लेकर आ रही बाधाओं को "चिंताजनक" करार दिया था। मस्क के उस पोस्ट पर जिसमें उन्होंने कहा था कि पांच साल तक नियमों का पालन करने के बाद भी लाइसेंस नहीं मिला, राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी थी। राहुल के पोस्ट पर मस्क ने भी सहमति जताई थी, जिसके बाद से देश की सियासत में इस मुद्दे पर जोरदार बहस छिड़ गई है।

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