राधा गोविंद विश्वविद्यालय की कथित अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई रामगढ़ ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, उच्चस्तरीय जांच की मांग

रामगढ़ : नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई), रामगढ़ द्वारा राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ कैंट में कथित गंभीर अनियमितताओं को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से रामगढ़ एनएसयूआई ज़िला अध्यक्ष श्री धीरेन्द्र कुमार जी, ज़िला महासचिव शानू गोयल जी, ज़िला महासचिव अंकित कुमार जी और ज़िला उपाध्यक्ष मुजस्सम सलीम में उपस्थित थे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एनएसयूआई ने कहा कि लगातार विश्वविद्यालय के विरुद्ध कई मामले सामने आते हैं जो चिन्ता का विषय है। हाल ही में विश्वविद्यालय के कई लोगो का NEET परीक्षा मामले में नाम सामने आया है और लगातर इस तरह के ममले पारदर्शिता विश्वसनीयता जैसे कई सवाल खड़ा होते हैं। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनएसयूआई पदाधिकारी ने फर्जी डिग्रियों की खरीद-फरोख्त, ऑनलाइन परीक्षाओं में हार्डवेयर से छेड़छाड़ तथा प्रवेश एवं परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया। संगठन ने कहा कि ऐसे गंभीर आरोप विद्यार्थियों के भविष्य और उच्च शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से सीधे जुड़े हुए हैं।
इसी क्रम में एनएसयूआई रामगढ़ की ओर से माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति को पूरे मामले की जानकारी देते हुए विस्तृत ई-मेल भी भेजा है। ई-मेल के माध्यम से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है तथा प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित संबंधित समाचार रिपोर्टों को भी संलग्न किया गया है, ताकि सक्षम प्राधिकारी उपलब्ध तथ्यों एवं रिपोर्टों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई कर सकें।
एनएसयूआई ने मांग की कि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच समिति अथवा सक्षम एजेंसी से निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली, डिजिटल रिकॉर्ड, सर्वर लॉग एवं अन्य संबंधित अभिलेखों की गहन जांच सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने स्पष्ट रूप से मांग की कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सत्य पाए जाते हैं और विश्वविद्यालय अथवा संबंधित कॉलेज द्वारा नियमों एवं कानून का गंभीर उल्लंघन प्रमाणित होता है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ विश्वविद्यालय/संबंधित कॉलेज की मान्यता एवं पंजीकरण को नियमानुसार रद्द करने की कार्रवाई की जाए। विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एनएसयूआई रामगढ़ ने कहा कि यह मामला केवल किसी एक विश्वविद्यालय या कॉलेज तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों विद्यार्थियों के भविष्य और झारखंड की उच्च शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। संगठन ने राज्यपाल सह कुलाधिपति से पूरे मामले का शीघ्र संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।

रिपोर्टर : राजीव सिंह

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