सीएनलयू के एलएलएम छात्र मयंक राज की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप।
राँची - खलारी चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU), पटना के हॉस्टल में मंगलवार को खलारी निवासी 26 वर्षीय छात्र मयंक राज का शव फंदे से लटका मिला। इस घटना ने जहाँ विश्वविद्यालय परिसर को स्तब्ध कर दिया है, वहीं मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से साफ इनकार करते हुए हत्या की गहरी साजिश की आशंका जताई है।
"सुबह दरवाजा न खुलने पर हुआ खुलासा"
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह जब काफी देर तक मयंक के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो सहपाठियों ने आवाज लगाई। कोई जवाब न मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने जब दरवाजा तोड़ा, तो मयंक का शव फंदे से लटका पाया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
"परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल"
मयंक के पिता राजेश कुमार (सीसीएल, रोहिणी परियोजना के कर्मी) परिजनों के साथ पटना पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पटना में ही मयंक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें सुसाइड नोट की बात कही जा रही है।
"मानसिक मजबूती"
परिजनों का कहना है कि मयंक मानसिक रूप से अत्यंत सुदृढ़ था और अपने करियर को लेकर पूरी तरह समर्पित था। वह ऐसा आत्मघाती कदम कभी नहीं उठा सकता।
"प्रेम प्रसंग से इनकार"
परिवार ने प्रेम प्रसंग की तमाम चर्चाओं को निराधार बताते हुए कहा कि वह एक सामान्य और अनुशासित जीवन जी रहा था।
"जांच की मांग"
परिजनों ने सुसाइड नोट की लिखावट और फॉरेंसिक जांच की मांग करते हुए कहा कि यह मामला हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का है।
"विश्वविद्यालय में शोक, परीक्षाएं स्थगित"
मयंक की मौत की खबर के बाद विश्वविद्यालय में मातम पसर गया है। प्रशासन ने छात्र के सम्मान में उस दिन की परीक्षाएं स्थगित कर दीं। साथ ही, अब कैंपस में छात्रों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श (काउंसलिंग) को लेकर नए सिरे से बहस छिड़ गई है।
"निष्पक्ष जांच की आवश्यकता"
खलारी और रोहिणी क्षेत्र में इस खबर से शोक की लहर है। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। पुलिस के सामने अब चुनौती है कि वह सुसाइड नोट की सत्यता, कमरे के साक्ष्यों और मयंक की आखिरी गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण कर सच्चाई सामने लाए।
रिपोर्टर : राशीद अंसारी

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