रांची जिले के चकमे जामा मस्जिद में तरावीह की नमाज का समापन, अमन-चैन के लिए की गई विशेष दुआ
रांची : रांची जिले के बुढ़मू प्रखंड स्थित चकमे जामा मस्जिद में पवित्र रमजान माह के दौरान अदा की जा रही नमाज-ए-तरावीह का शनिवार की रात विधिवत समापन हो गया। इस मौके पर आसपास के गांवों और इलाकों से बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिद पहुंचे और इबादत में शामिल हुए। मस्जिद परिसर में देर रात तक इबादत और दुआ का माहौल बना रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रमजान का चांद दिखाई देने के बाद 18 फरवरी की रात से चकमे जामा मस्जिद में तरावीह की नमाज की शुरुआत की गई थी। पूरे रमजान माह के दौरान हाफिज ईमाम कारी खुर्शीद ने मुकम्मल तरावीह पढ़ाई। इस दौरान हर रात बड़ी संख्या में अकीदतमंद मस्जिद पहुंचकर तरावीह की नमाज में शरीक होते रहे।
तरावीह के समापन अवसर पर वक्ताओं ने रमजान के पाक महीने की अहमियत, रोजा और तरावीह की नमाज की विशेषताओं पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना है, जिसमें इबादत और नेक अमल का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
कार्यक्रम के अंत में क्षेत्र और राज्य में अमन-चैन, भाईचारा और खुशहाली के लिए विशेष दुआ की गई। वहीं मुकम्मल तरावीह पढ़ाने पर हाफिज ईमाम कारी खुर्शीद को अंजुमन की ओर से नजराना देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर चकमे जामा मस्जिद अंजुमन के सदर इदु खान, सेक्रेटरी जफर परवेज, इरशाद खान, आशिक खान, छोटे खान, एमडी अहमद, एमडी वाहिद, इरफान खान, जाकिर अंसारी, मंजूर खान, इब्राहिम खान, जावेद अंसारी, तौकीर अंसारी, हाजी अमीर हमजा, असलम अमीर साहब समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रिपोर्टर : राशीद अंसारी
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