खलारी में करोड़ों की लागत से बना पुल 10 साल में खराब, ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित।

राँची - खलारी विकास योजनाओं में लापरवाही और घटिया निर्माण का एक बड़ा उदाहरण खलारी प्रखंड के चूरी गांव स्थित सपही नदी पुल बन गया है। करोड़ों रुपये की लागत से वर्ष 2014-15 में निर्मित यह पुल महज 10 वर्षों के भीतर ही जर्जर हो चुका है। हालत इतनी खराब हो गई है कि प्रशासन ने 7 मई से पुल पर बड़े वाहनों, स्कूली बसों और चारपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी है। पुल के क्षतिग्रस्त होने से हजारों ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोगों में प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के प्रति भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल निर्माण में शुरू से ही भारी अनियमितता बरती गई थी। संवेदक द्वारा घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जबकि विभागीय अधिकारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की गंभीरता से निगरानी नहीं की।

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही वर्षों में पुल जगह-जगह से टूटने और दरकने लगा था, लेकिन समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। अब स्थिति यह है कि पुल किसी बड़े हादसे को न्योता देता नजर आ रहा है। दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पुल के एक छोर पर टायर और ड्रम लगाकर आवाजाही रोक दी है, वहीं दूसरी ओर मिट्टी डालकर वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुल बंद होने के बाद राय,बचरा और आसपास के क्षेत्रों से रांची आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों,मरीजों,मजदूरों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले ग्रामीणों को हो रही है। स्कूली बसों का परिचालन बंद होने से बच्चों को लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है, जबकि मरीजों और बुजुर्गों को अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बंद होने से चतरा और रांची जिले के कई गांवों का संपर्क लगभग टूट गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले छह माह से पुल की स्थिति अत्यंत खराब है,लेकिन अब तक न तो मरम्मत कार्य शुरू हुआ और न ही कोई ठोस पहल दिखाई दी। उन्होंने कहा कि यह खलारी प्रखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। क्षेत्र के लोग रोज परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ आश्वासन देने तक सीमित हैं।

ग्रामीणों के अनुसार,इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जा चुका है,बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं मजदूर नेता अब्दुल्लाह अंसारी ने पुल की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह केवल एक पुल का मामला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी और सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, क्षेत्रीय विधायक और सांसद से तत्काल संज्ञान लेकर पुल की मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि विकास योजनाओं में लापरवाही और भ्रष्टाचार की कीमत आम जनता अपनी जान जोखिम में डालकर नहीं चुका सकती। अब क्षेत्र की जनता प्रशासन से जवाब और जल्द कार्रवाई चाहती है।

 रिपोर्टर - राशीद अंसारी 

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