खलारी में विकास बना विनाश,दो दशक बाद भी अधूरा फ्लाईओवर, रेलवे लाइन पार करते मासूमों की जान दांव पर
खलारी : विकास की अधूरी योजनाएं जब भ्रष्टाचार या लापरवाही की भेंट चढ़ती हैं, तो उसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। खलारी रेलवे लाइन फ्लाईओवर परियोजना इसका जीता-जागता और भयावह उदाहरण बन गई है। वर्ष 2004 में बड़े दावों के साथ शुरू हुआ यह प्रोजेक्ट आज स्थानीय निवासियों, विशेषकर स्कूली बच्चों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुका है।
"अधूरा निर्माण, पूरा खतरा: सीढ़ियों के नाम पर सिर्फ 'फाउंडेशन' "
कोलकाता की सिम्प्लेक्स प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा कोंकण रेलवे निगम लिमिटेड (केआरसीएल) के माध्यम से निर्मित यह फ्लाईओवर 12 रोड ओवर ब्रिज के उस बड़े समूह का हिस्सा था, जिसे क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बनाया गया था। योजना के अनुसार, पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फ्लाईओवर के दोनों ओर सीढ़ियों का निर्माण होना था। लेकिन धरातल पर सच्चाई यह है कि ठेकेदार ने केवल फाउंडेशन खड़ा करके काम छोड़ दिया। आज वर्षों बीत जाने के बाद भी सीढ़ियों का नामोनिशान नहीं है।
"रेलवे विस्तार ने छीने पारंपरिक रास्ते"
हाल ही में रेलवे लाइन के विस्तारीकरण का काम शुरू होने से स्थिति और भी बदतर हो गई है। पहले इसी पटरियों से वाहनों के आवागमन के लिए रोड हुआ करता जहां रेलवे क्रॉसिंग हुआ करता था वही पारंपरिक रास्तों का उपयोग करते थे, वे अब बंद या खतरनाक हो चुके हैं।
प्रभावित क्षेत्र: जी टाईप, हुटॉप और महावीर नगर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोग पूरी तरह कट गए हैं।
स्कूली बच्चों पर संकट: सबसे ज्यादा हृदयविदारक स्थिति छोटे बच्चों की है। स्कूल जाने के लिए बच्चों को जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करनी पड़ रही है। आए दिन बच्चों के पटरियों पर गिरने और चोटिल होने की खबरें आ रही हैं।
बाजार की व्यवस्था ध्वस्त: गुरुवार को लगने वाले साप्ताहिक बाजार में आने वाले ग्रामीणों और व्यापारियों के लिए भी यह फ्लाईओवर किसी अभिशाप से कम नहीं है। भारी सामान लेकर चढ़ाई करना या असुरक्षित पटरियों को पार करना अब मजबूरी बन गई है।
"जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल"
हैरानी की बात यह है कि इस समस्या की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भली-भांति है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। चुनाव के समय किए गए वादे फाइलों में दबे हैं। रेलवे और राज्य सरकार के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा खलारी की जनता अपनी सुरक्षा से समझौता करके चुका रही है।
चेतावनी: यदि समय रहते फ्लाईओवर पर सीढ़ियों का निर्माण और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में दो क्षेत्रों के बीच संपर्क पूरी तरह टूट सकता है और किसी बड़ी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
रिपोर्टर : राशीद अंसारी

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