₹5 लाख का इनामी अपराधी रामदेव उरांव ने साथियों संग किया आत्मसमर्पण
रांची - झारखंड पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात अपराधी गिरोह झांगुर ग्रुप के सरगना और ₹5 लाख के इनामी अपराधी रामदेव उरांव ने अपने दो सक्रिय सहयोगियों के साथ राँची और गुमला पुलिस की संयुक्त टीम के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार,30 मई को राँची के वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि झांगुर ग्रुप का प्रमुख रामदेव उरांव अपने साथियों के साथ राँची-गुमला सीमा क्षेत्र में मौजूद है और आत्मसमर्पण की तैयारी में है। सूचना के आधार पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बेड़ो डीएसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। विशेष टीम बेड़ो थाना क्षेत्र के लमकाना पहुंची, वहीं गुमला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम भी राँची-गुमला बॉर्डर पर पहुंची। संयुक्त पुलिस बल को देखते ही अपराधियों ने स्वयं को झांगुर ग्रुप का सदस्य बताते हुए झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होने की बात कही और मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताते हुए सरेंडर कर दिया।
"आत्मसमर्पण करने वाले अपराधी"
रामदेव उरांव (47 वर्ष) — झांगुर ग्रुप का प्रमुख, ₹5 लाख का इनामी अपराधी।
प्रसाद उरांव (24 वर्ष) — सक्रिय सदस्य।
सुबास उरांव (23 वर्ष) — सक्रिय सदस्य।
"हथियार और कारतूस बरामद"
पुलिस ने आत्मसमर्पण के दौरान अपराधियों के कब्जे से निम्नलिखित हथियार और सामग्री बरामद की है—
01 स्वचालित हथियार (बॉडी पर A56-2 571072 अंकित)
01 स्वचालित SLR रायफल
45 जिंदा कारतूस
30 कारतूस स्वचालित हथियार के
15 कारतूस SLR रायफल के
02 मैगजीन
"लंबा आपराधिक इतिहास"
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रामदेव उरांव के खिलाफ गुमला जिले के बिशुनपुर, घाघरा और डुमरी थाना क्षेत्रों में हत्या, अपहरण, रंगदारी, लूटपाट तथा आर्म्स एक्ट समेत करीब 29 गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, प्रसाद उरांव पर दो तथा सुबास उरांव पर एक आपराधिक मामला दर्ज बताया गया है।
"इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका"
"इस संयुक्त अभियान को सफल बनाने में—"
डीएसपी बेड़ो दीपक कुमार
पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार उपाध्याय
थाना प्रभारी मो. कफील अहमद
पु०अ०नि० उत्तम कुमार पासवान
पु०अ०नि० शौकत अली
घाघरा थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह
पु०अ०नि० विकास कुमार
सहित राँची और गुमला जिले के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने इसे संगठित अपराध और उग्रवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी सफलता बताया है।
रिपोर्टर - राशीद अंसारी
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