जेएसएससी के खिलाफ अभ्यर्थियों का प्रदर्शन,माध्यमिक आचार्य भर्ती का लंबित परिणाम जारी करने की मांग
रांची : माध्यमिक आचार्य भर्ती प्रक्रिया में दस्तावेज़ सत्यापन के बाद भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का परिणाम लंबित रखे जाने के विरोध में गुरुवार को झारखंड छात्र संघ ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) कार्यालय के समक्ष सांकेतिक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लंबित परिणाम शीघ्र जारी करने और सरकार से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट कारण और पूर्व सूचना के अनेक अभ्यर्थियों का परिणाम रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्ग, गैर-क्रीमी लेयर तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित सभी आवश्यक प्रमाण-पत्र जमा करने के बावजूद अभ्यर्थियों का परिणाम लंबित रखा गया है। इसके अलावा कई मामलों में स्नातकोत्तर अंकपत्र में अंकित उत्तीर्ण तिथि के स्थान पर डिग्री जारी होने की तिथि को आधार बनाकर परिणाम रोका गया है, जो न्यायसंगत नहीं है।
एस अली ने मदरसा फाजिल डिग्री को स्नातकोत्तर के समकक्ष मान्यता नहीं दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नियुक्ति कक्षा 9 से 12 तक के लिए हो रही है और मदरसा आलिम-फाजिल डिग्रीधारी अभ्यर्थी भी निर्धारित योग्यता रखते हैं।
उन्होंने बताया कि सबसे अधिक परेशानी उर्दू माध्यमिक आचार्य के अभ्यर्थियों को हो रही है। उर्दू विषय के 92 स्वीकृत पदों के विरुद्ध 78 अभ्यर्थियों ने दस्तावेज़ सत्यापन कराया, लेकिन उनमें से केवल 39 का ही परिणाम जारी किया गया, जबकि शेष अभ्यर्थियों का परिणाम अब भी लंबित है।
करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद छात्र संघ ने आयोग के सचिव की अनुपस्थिति में उनके नाम संबोधित मांग-पत्र कार्यालय में सौंपा। मांग-पत्र के माध्यम से लंबित परिणाम शीघ्र जारी करने तथा मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप कर अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की गई।
प्रदर्शन में इमरान अंसारी, मोकर्रम हयात, निसार अहमद, मोहम्मद अबूजर, सना फातमा, इजहार आलम, वाहिदा बसर, आयशा परवीन, मोहम्मद अबू तल्हा, शबनम सुहैब, मोहम्मद इलियास, नाजिया हसन सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और झारखंड छात्र संघ के सदस्य उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : राशीद अंसारी
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