विनोद तिर्की के आवास पर मनाई गई दिशूम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि
रांची - गुटवा स्थित विनोद तिर्की के निजी आवास पर आज 4 अगस्त 2026 को झारखंड के दिशूम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विनोद तिर्की ने की। इस दौरान उपस्थित लोगों ने दिशूम गुरु शिबू सोरेन की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद उनके चित्र पर बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर, माला पहनाकर और अगरबत्ती दिखाकर श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर विनोद तिर्की ने शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में संथाली आदिवासी परिवार में 11 जनवरी 1944 को पिता सोबरन सोरेन और माता फूलमुनी सोरेन के घर शिबू सोरेन का जन्म हुआ था।
उन्होंने बताया कि बचपन में ही शिबू सोरेन के पिता सोबरन सोरेन की हत्या महाजनों द्वारा कर दी गई थी। इसके बाद गुरुजी ने महाजनों और जमींदारों के शोषण के खिलाफ संघर्ष शुरू किया और गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया। संघर्ष के दौरान कई बार उनकी जान लेने का प्रयास किया गया, जिसके बाद उन्हें जंगलों में रहकर आंदोलन को आगे बढ़ाना पड़ा।
विनोद तिर्की ने बताया कि एक बार तेज बारिश के दौरान जंगल के रास्ते जाते समय महाजनों के गुर्गों ने उन्हें घेरने का प्रयास किया। अपनी जान बचाने के लिए उन्होंने मोटरसाइकिल को नदी में दौड़ा दिया, जिससे हमलावरों को लगा कि उनकी मृत्यु हो गई है। लेकिन गुरुजी बच निकले और उनका संघर्ष जारी रहा।
उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने पहली बार लाल झंडे के साथ चुनाव लड़ा। चुनाव हारने के बाद भी उन्होंने आंदोलन नहीं छोड़ा और झारखंड को अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर संघर्ष तेज किया। विनोद बिहारी महतो, एके राय और शिबू सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का गठन हुआ, जिसके लंबे आंदोलन के बाद 15 नवंबर 2000 को झारखंड अलग राज्य बना।
शिबू सोरेन कई बार विधायक रहे, राज्यसभा सांसद बने और तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व किया। 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में रात आठ बजे उनका निधन हो गया था।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विनोद तिर्की, राजेंद्र महतो, पूजा देवी, राखी देवी, सोमारी उरांव, प्रमिला देवी, उम्रीला देवी, जिवानी खलखो, तस्लीम अंसारी, रेयाजुल अंसारी, लक्ष्मण राम, रंजन हेमरोम, सकील अंसारी, मुद्रसीत नैयर, समीर अंसारी, गौरी शंकर केसरी, सोनू केरकेट्टा, मुनवा उरांव, शंभु उरांव, भुनू लोहरा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: नदीम दानिश, रांची
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