डकरा में दर्दनाक हादसा: टावर से गिरकर 35 वर्षीय मजदूर की मौत, सेफ्टी बेल्ट टूटने से गई जान
खलारी : खलारी के डकरा स्थित मधुकॉन प्राइवेट लिमिटेड में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय मजदूर रामस्वरूप चौहान की मौत हो गई। काम के दौरान स्ट्रक्चर (कॉलम टावर) पर चढ़े रामस्वरूप अचानक नीचे गिर पड़े। मजदूरों का आरोप है कि उनकी पुरानी और कमजोर सेफ्टी बेल्ट अचानक टूट गई, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद कंपनी में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 10 बजे की है। रामस्वरूप चौहान टावर के ऊपर चढ़कर काम कर रहे थे। इसी दौरान सेफ्टी बेल्ट टूटने से वह नीचे गिर गए। गंभीर रूप से घायल मजदूर को साथी कर्मियों ने आनन-फानन में स्कूटी से डकरा अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से समय पर एंबुलेंस या अन्य वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। सवाल उठता है कि आखिर मजदूरों की जान की सुरक्षा के लिए कंपनी ने क्या इंतजाम कर रखे हैं?
"पहले भी हो चुकी हैं दो घटनाएं, फिर भी नहीं चेता प्रबंधन!"
मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे पहले भी इसी तरह की दो घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। मजदूरों का कहना है कि कंपनी में आठ घंटे की जगह 12 घंटे तक काम कराया जाता है और अतिरिक्त काम के बदले ओवरटाइम का भुगतान भी नहीं किया जाता। यदि सुरक्षा उपकरण ही पुराने और कमजोर होंगे तो मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर कैसे काम करेंगे?
"पत्नी और तीन मासूम बच्चों का सहारा छिना"
मृतक रामस्वरूप चौहान डकरा के मोहन नगर के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्र और दो पुत्रियां हैं। तीनों बच्चे अभी छोटे हैं। परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले रामस्वरूप की अचानक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिवार के सामने रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
"अस्पताल पहुंचे जनप्रतिनिधि और यूनियन नेता, मुआवजे की उठी मांग"
घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। कई जनप्रतिनिधि और सीसीएल के यूनियन नेता डकरा अस्पताल पहुंचे। इनमें मजदूर नेता अब्दुल्ला अंसारी, गोल्डेन यादव, सलामत अंसारी, इस्माइल अंसारी, रमेश चौहान, हरेन्द्र सिंह, मिथलेश सिंह, कृष्णा चौहान सहित अन्य लोग शामिल थे। सीसीएल एनके एरिया के महाप्रबंधक अमिताभ चौधरी भी अस्पताल पहुंचे।
मौके पर मौजूद नेताओं एवं यूनियन प्रतिनिधियों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। साथ ही पत्नी और तीनों बच्चों के भरण-पोषण की स्थायी व्यवस्था करने तथा बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाई।
"सबसे बड़ा सवाल: मजदूरों की जान की कीमत कौन चुकाएगा?"
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब तक मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर काम करते रहेंगे? क्या कंपनी प्रबंधन की जिम्मेदारी केवल काम लेना है या मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी जवाबदेही है? अब सभी की निगाहें कंपनी प्रबंधन की कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मिलने वाले न्याय पर टिकी हैं।
रिपोर्टर : राशीद अंसारी

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