रांची नयासराय आजाद नगर अनम किला में 6 नवंबर को सजेगी शायरी और कविता की महफिल

रांची :  राजधानी रांची में साहित्य, शायरी और कविता का एक भव्य आयोजन होने जा रहा है। आजाद जनता दरबार रियल एस्टेट एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के तत्वावधान में आगामी 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को ‘एक शाम दिशोम गुरु शिबू सोरेन के नाम’ शीर्षक से कुल हिंद मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर आयोजकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कार्यक्रम में झारखंड सरकार के मंत्री हफीजुल हसन अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा कई गणमान्य एवं विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी भी रहेगी।

कार्यक्रम का आयोजन रात 8:30 बजे से अनम किला, आजाद नगर, नयासराय, भारत पेट्रोलियम के निकट, रांची में किया जाएगा। आयोजन को लेकर जानकारी देते हुए आजाद जनता दरबार के डायरेक्टर मोहम्मद आजाद अंसारी ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साहित्य, शायरी और कविता के माध्यम से सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे, प्रेम और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के नाम समर्पित यह साहित्यिक महफिल उनके प्रति सम्मान और श्रद्धांजलि व्यक्त करने का एक प्रयास है।
देशभर के नामचीन शायर और कवि करेंगे शिरकत
इस भव्य मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रसिद्ध शायर और कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। कार्यक्रम की निजामत यानी मंच संचालन सुफियान हैदराबाद और असीम काकोरी करेंगे। वहीं अपनी शायरी और काव्य प्रस्तुतियों से महफिल को रोशन करने के लिए हाशिम फिरोजाबादी, डॉक्टर सबा बलरामपुरी, असद आजमी, गुले सबा, प्रतिभा यादव, नंदिनी अंजुम, गुफरान चुलबुल, जमील अख्तर जैदपुरी, मुमताज, अलिफ, निसार दानिश, अत्ताउल्लाह रहबर रांचवी और कैफी आजमी समेत कई नामचीन शायर एवं कवि मौजूद रहेंगे।
महिलाओं के लिए पर्दे का विशेष इंतजाम
आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम में महिलाओं की सहभागिता और सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इसके लिए पर्दे का विशेष इंतजाम किया जाएगा, ताकि महिलाएं भी पूरे सम्मान और सहजता के साथ इस साहित्यिक महफिल का आनंद उठा सकें। कार्यक्रम में शायरी, गजल, नज्म और कविताओं के माध्यम से सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया जाएगा।
साहित्य और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना आयोजन का उद्देश्य
मोहम्मद आजाद अंसारी ने कहा कि मुशायरा और कवि सम्मेलन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और आपसी रिश्तों को मजबूत करने का एक सशक्त जरिया भी है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को साहित्य और उर्दू अदब से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाकर प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे गणमान्य लोग
कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए आयोजित प्रेस वार्ता में मोहम्मद आजाद अंसारी, मौलाना अनवारुल हक, तौकीर आलम और हाजी रियासत हुसैन मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की।
आयोजकों को उम्मीद है कि 6 नवंबर की यह शाम रांची के साहित्यिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक यादगार शाम साबित होगी, जहां शायरी और कविता के माध्यम से मोहब्बत, इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक एकता का पैगाम दिया जाएगा।

रिपोर्टर : नदीम दानिश 

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