लाल किला ब्लास्ट मामला: दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 30 दिन बढ़ी, NIA को जांच के लिए और समय
नई दिल्ली: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार दो आरोपियों की न्यायिक हिरासत 30 दिनों के लिए बढ़ा दी है। कोर्ट ने इस मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी 45 दिनों का अतिरिक्त समय दिया है।
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज पीतांबर दत्त ने तुफैल अहमद भट और जमीर अहमद अहंगर की हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया। दोनों आरोपियों की हिरासत आज समाप्त हो रही थी, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
NIA को जांच के लिए मिला अतिरिक्त समय
कोर्ट ने 27 मार्च को भी इस मामले में NIA को जांच के लिए 45 दिन का समय दिया था। इससे पहले 13 फरवरी को भी जांच अवधि बढ़ाई गई थी। NIA ने इस केस में जांच की समय सीमा 90 दिन तक बढ़ाने की मांग की थी।
जम्मू-कश्मीर से दिल्ली लाए गए थे आरोपी
जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों को 25 फरवरी को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के जरिए दिल्ली लाया था।
आतंकी संगठन से जुड़े हैं आरोपी
NIA के मुताबिक:
- जमीर अहमद को हथियार (राइफल, पिस्तौल और जिंदा कारतूस) उपलब्ध कराए गए थे
- इस साजिश में उमर उन नबी, मुफ्ती इरफान और डॉक्टर अदील अहमद रतहर शामिल थे
- दोनों आरोपियों का संबंध आतंकी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद से बताया गया है
ब्लास्ट की साजिश और घटना
- 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास कार बम विस्फोट हुआ था
- इस हमले की साजिश उमर उन नबी ने रची थी
- घटना में 15 लोगों की मौत और करीब दो दर्जन लोग घायल हुए थे
- हमले में इस्तेमाल की गई कार आई10 थी, जो आमिर रशीद अली के नाम पर थी
ड्रोन और तकनीकी साजिश का खुलासा
NIA ने इस मामले में आरोपी दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।
- दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए थे
- वह रॉकेट तैयार करने की कोशिश में भी शामिल था
- उसे आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए ब्रेनवॉश किया गया था
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल NIA इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस आतंकी साजिश से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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