टमस एवं बेलन नदी में रेत के अवैध कारोबार पर प्रशासन स्पष्ट करे स्थिति, निविदा प्रक्रिया बंद होने पर उठे प्रश्न - गिरजेश पांडेय

रीवा : जिले की टमस एवं बेलन नदी में रेत के अवैध खनन एवं परिवहन को लेकर पूर्व में संचालक,खनिज विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्यवाही हेतु ध्यानाकर्षण कराया गया था ! साथ ही विभिन्न समाचार पत्रों में भी इस अवैध एवं काले कारोबार से संबंधित समाचार निरंतर प्रकाशित होते रहे हैं ! इसके बावजूद प्रशासन द्वारा समय-समय पर की जाने वाली कार्यवाहियाँ केवल औपचारिक प्रतीत होती हैं ! आश्चर्य का विषय यह है कि पूर्व में खनिज विभाग द्वारा “जिले में रेत उपलब्ध न होने” का अभिमत प्रस्तुत कर कलेक्टर के माध्यम से रेत खदानों की निविदा प्रक्रिया को बंद करा दिया गया है। ऐसी स्थिति में गंभीर प्रश्न खड़ा होता है कि यदि जिले में रेत उपलब्ध नहीं है, तो अवैध खनन एवं परिवहन के मामलों में कार्यवाही किस आधार पर की जा रही है? और यदि रेत उपलब्ध है, तो निविदा प्रक्रिया को क्यों रोका गया ? इस विरोधाभासी स्थिति से न केवल शासन को राजस्व हानि हो रही है, बल्कि प्रशासनिक कार्यवाही की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं !टमस एवं बेलन नदी का क्षेत्र सिरमौर एवं त्योंथर विधानसभा के अंतर्गत आता है ! अतः स्थानीय विधायकों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे स्थिति स्पष्ट करें और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और पुनः निविदा होने के अवरूद्ध प्रक्रिया को पुनर्स्थापित कराना सुनिश्चित करें।निविदा न होने से जहाँ सरकार को आर्थिक हानि हो रही है वही खदानों से संबंधित क्षेत्रों में राजस्व,पुलिस और खनिज मोहकमा भारी भरकम राशि को वसूली कर काले धंधे को संरक्षित कर रहा है !जनहित में अपेक्षा है कि शासन-प्रशासन संपूर्ण प्रकरण की पारदर्शी जांच कराते हुए अवैध खनन पर कठोर रोक लगाए तथा विधिसम्मत निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर राजस्व एवं व्यवस्था दोनों को सुदृढ़ करे !

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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