रीवा में सच लिखना पड़ा भारी पत्रकार पर कार्रवाई से पुलिस व्यवस्था कटघरे में
रीवा : वर्दी अगर कानून से ऊपर दिखने लगे,तो समझो इंसाफ़ कहीं डर के साये में जीने लगे।रीवा जिले के गुढ़ थाना क्षेत्र में सामने आया मामला अब केवल अवैध शराब कारोबार तक ही सीमित नहीं रहा,बल्कि पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र में कथित शराब माफियाओं के खिलाफ खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकार पर द्वेषपूर्ण हुई कार्रवाई ने पूरे जिले में आक्रोश पैदा कर दिया है।
गाँव में ज़हर बिकता रहा, चौकियां खामोश रहीं लेकिन कलम चली तो हथकड़ियां तैयार रहीं
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुढ़ क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा था। गांव-गांव पैकारी और शराब बिक्री की शिकायतें लगातार उठती रहीं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जैसे ही अवैध कारोबार से जुड़ी खबर सार्वजनिक हुई, वैसे ही पूरा सिस्टम अचानक सक्रिय हो गया और कार्रवाई शराब कारोबारियों पर नहीं बल्कि खबर उजागर करने वाले पत्रकार पर होती नजर आई।इस घटनाक्रम के बाद अब जनता के बीच यह सवाल तेजी से गूंज रहा है कि आखिर पुलिस की प्राथमिकता कानून बचाना है या अवैध कारोबारियों को संरक्षण देना?
जब रक्षक ही सवालों से घबराने लगें तो अपराधियों के हौसले खुद बढ़ने लगें
लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार नहीं चल रहा था तो फिर वर्षों से शिकायतें क्यों आती रहीं? और यदि कारोबार चल रहा था तो कार्रवाई केवल पत्रकार पर ही क्यों हुई? यही सवाल अब पुलिस प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर और संदेह पूर्ण सवाल खड़े कर रहे हैं।पत्रकार संगठनों ने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। उनका कहना है कि अगर जनहित में खबर प्रकाशित करने पर पत्रकारों को जेल भेजा जाएगा, तो आने वाले समय में भ्रष्टाचार और अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाना मुश्किल हो जाएगा।
कलम को डराओगे तो सच और गरजेगा हर बंद आवाज़ के पीछे एक नया सवाल उभरेगा
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। लोग खुलकर पुलिस और शराब माफिया गठजोड़ के आरोप लगा रहे हैं और पूरे मामले की न्यायिक या उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।फिलहाल गुढ़ थाना और जिला पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर जनता की निगाहें टिकी हुई हैं। अब देखना होगा कि कार्रवाई केवल आवाज उठाने वालों पर होगी या अवैध कारोबार की जड़ों तक भी पहुंचेगी।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी

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