निर्माणाधीन PWD सड़क कार्य में बाधा एवं जानलेवा हमले का आरोप,उच्च स्तरीय जांच की मांग
रीवा : मनगवां विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तिवनी में निर्माणाधीन PWD सड़क कार्य को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सड़क निर्माण का ठेका प्राप्त करने वाले ठेकेदार विकास तिवारी ने रीवा पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपकर जनपद अध्यक्ष गंगेव विकाश तिवारी सहित अन्य लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने,जानलेवा हमला करने तथा धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में विकास तिवारी ने बताया कि उन्हें MPRDC के मनगवां-बैकुंठपुर मार्ग से तिवनी स्थित साधु बाबा मंदिर तक बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य का शासकीय टेंडर प्राप्त हुआ है। उनके अनुसार डामरीकरण (Asphalt) को छोड़कर सड़क निर्माण का अधिकांश कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा सुनियोजित तरीके से कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है।
अधिकारियों की मौजूदगी में कार्य रुकवाने का आरोप
विकास तिवारी के अनुसार 18 जून 2026 को विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान वह अपने पिता के साथ निर्माण स्थल पर मौजूद थे। इसी दौरान जनपद अध्यक्ष गंगेव विकाश तिवारी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों की उपस्थिति में निर्माण कार्य रुकवा दिया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया तथा टांगी (कुल्हाड़ी) लेकर हमला करने का प्रयास किया गया।
उन्होंने दावा किया कि उन्हें आगे निर्माण कार्य जारी रखने पर गंभीर परिणाम भुगतने और "खून की नदियां बहा देने" जैसी धमकियां भी दी गईं, जिससे उनके तथा उनके परिवार की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है।
उपयंत्री की भूमिका पर भी उठाए सवाल
शिकायतकर्ता ने PWD के उपयंत्री पी.के. सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मामले में मिलीभगत की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि एक ओर विभागीय स्तर पर कार्य में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर असामाजिक तत्वों के माध्यम से दबाव बनाकर निर्माण कार्य रुकवाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस से की कार्रवाई की मांग
विकास तिवारी ने बताया कि घटना की नामजद शिकायत थाना मनगवां में दर्ज करा दी गई है। साथ ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रमुख मांगें
पूरे घटनाक्रम एवं उपयंत्री पी.के. सिंह की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
शेष सड़क निर्माण कार्य, विशेषकर डामरीकरण, को पूर्ण कराने हेतु पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
शासकीय कार्य में बाधा डालने, पदीय दुरुपयोग करने तथा कथित जानलेवा हमले में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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