हाईकोर्ट का बड़ा कदम मीना मिश्रा की याचिका पर अर्चना सिंह को नोटिस
रीवा : चुनाव के दौरान आपराधिक प्रकरण छिपाने के आरोप से जुड़ा मामला, गुढ़ नगर परिषद अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ने के संकेत।
दरअसल पूरा मामला रीवा जिले के गुढ़ नगर परिषद से है जहां गुढ़ नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर ने महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। सीआर क्रमांक 612/2024, श्रीमती मीना मिश्रा बनाम अर्चना सिंह एवं अन्य मामले में 25 जून 2026 को न्यायालय ने संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मामला याचिका क्रमांक 14059/2024 से संबंधित है। न्यायालय ने प्रतिवादियों को प्रवेश संबंधी नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए प्रक्रिया शुल्क सात कार्य दिवस के भीतर जमा करने को कहा है। इस आदेश के बाद अब प्रतिवादियों को न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखने की प्रक्रिया शुरू होगी।
चुनावी जानकारी छिपाने के आरोप से जुड़ा विवाद
याचिका में चुनाव के दौरान आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाए जाने से जुड़े आरोपों को उठाया गया है। आरोपों के अनुसार,अर्चना सिंह के द्वारा किराए के मकान में रहने के दौरान मकान मालिक के साथ कथित मारपीट को लेकर गुढ़ थाना में आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था। इसी प्रकरण से संबंधित तथ्यों को चुनावी प्रक्रिया के दौरान छिपाए जाने के आरोप याचिका में उठाए गए हैं।
इधर, गुढ़ नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद पहले से ही चर्चा में है। ऐसे समय में हाईकोर्ट की ओर से याचिका पर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने से अध्यक्ष अर्चना सिंह के सामने कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर चुनौतियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
अब प्रतिवादियों के जवाब पर नजर
मामले में आवेदक श्रीमती मीना मिश्रा की ओर से अधिवक्ता लवकुश प्रसाद मिश्रा ने पक्ष रखा। आदेश माननीय न्यायाधीश विवेक जैन द्वारा पारित किया गया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब नोटिस की तामील, प्रतिवादियों की ओर से जवाब और उसके बाद होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। न्यायालय में दोनों पक्षों के तर्क और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।
हालांकि, केवल नोटिस जारी होना किसी व्यक्ति के विरुद्ध आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा प्रस्तुत तथ्यों, दस्तावेजों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर किया जाएगा।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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