कल्पना मिश्रा मामले में सियासत तेज,पंचूलाल प्रजापति का पलटवार कार्रवाई हुई तो संवेदनाओं पर सवाल क्यों?

रीवा :  संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद सिरमौर चौराहे पर जारी धरना-प्रदर्शन अब राजनीतिक टकराव का केंद्र बनता जा रहा है। कांग्रेस नेताओं के सरकार और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर लगातार हमलों के बीच मनगवां के पूर्व विधायक एवं विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने मीडिया के सामने सरकार का पक्ष रखा और विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर सवाल खड़े किए।

पंचूलाल प्रजापति ने कहा कि कल्पना मिश्रा की मौत बेहद दुखद है और इस घटना को लेकर सभी की संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। उन्होंने कहा कि कल्पना के पिता द्वारा किए जा रहे धरने में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला स्वयं पहुंचे थे और वह भी वहां गए थे। सरकार ने परिवार की मांगों को गंभीरता से लेते हुए मामले में कार्रवाई की है।
अधीक्षक हटे,डॉक्टर-नर्स निलंबित,डीन पर भी कार्रवाई,फिर सरकार पर सवाल क्यों?
पूर्व विधायक व विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति ने कहा कि मामले में अस्पताल के अधीक्षक को हटाया गया, संबंधित डॉक्टरों और नर्सों को निलंबित किया गया तथा डीन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इसके अलावा मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि यदि सरकार की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ नहीं होतीं तो इतनी कार्रवाई क्यों की जाती? उनका कहना था कि मामले में जांच चल रही है और दोष सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
विरोध की आड़ में मर्यादा न टूटे, स्वास्थ्य मंत्री के घर पर प्रदर्शन पर उठाए सवाल
पंचूलाल प्रजापति ने कांग्रेस और विपक्ष के प्रदर्शन के तरीके पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति में विरोध होता रहा है और उन्होंने स्वयं विपक्ष में रहते हुए कई आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन विरोध की भी अपनी मर्यादा होती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के घर बिना पूर्व सूचना के पहुंचकर अभद्रता करना और कर्मचारियों को धमकी देना उचित नहीं है। उनके मुताबिक सरकार से सवाल पूछना और विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर व्यक्तिगत स्तर पर मर्यादा तोड़ना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
कल्पना मामले से निकला नया राजनीतिक मोर्चा
कल्पना मिश्रा मौत मामले में एक ओर परिवार और विपक्ष लगातार जवाबदेही की मांग कर रहे हैं,वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता सरकार द्वारा की गई कार्रवाई और मजिस्ट्रियल जांच को सामने रख रहे हैं। ऐसे में जच्चा-बच्चा मौत का मामला अब केवल अस्पताल की व्यवस्था और जिम्मेदारी तक सीमित नहीं रहा,बल्कि रीवा की सियासत में भाजपा बनाम कांग्रेस के बीच सीधा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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