अस्पताल में मोबाइल पर रोक नहीं,अनधिकृत वीडियो पर सख्ती; सोशल मीडिया के दावों पर प्रबंधन का पलटवार
रीवा : संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच अस्पताल प्रबंधन ने अब सीधे वीडियो संदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल परिसर में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना प्रतिबंधित है।
अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन खबरों को भ्रामक और अधूरी जानकारी पर आधारित बताया, जिनमें अस्पताल परिसर में मोबाइल या वीडियोग्राफी को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियम का उद्देश्य किसी की आवाज दबाना नहीं,बल्कि अस्पताल की संवेदनशील व्यवस्था में मरीजों,परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों की निजता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मोबाइल ले जाने की मनाही नहीं,कैमरे के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक
वीडियो संदेश में अस्पताल अधिकारियों ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि मोबाइल फोन अस्पताल में ले जाना प्रतिबंधित नहीं है। कार्रवाई या रोक का विषय केवल अनधिकृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी है। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की बीमारी, उपचार, ऑपरेशन, मेडिकल रिकॉर्ड और व्यक्तिगत परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी अत्यंत संवेदनशील होती है। ऐसे में बिना अनुमति कैमरे से रिकॉर्डिंग कर उसे सार्वजनिक करना मरीज की निजता को प्रभावित कर सकता है।
अधूरी जानकारी से बन रही सोशल मीडिया की ‘खबर’!
अस्पताल प्रबंधन ने सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने वाली सूचनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। अधिकारियों का कहना है कि कई बार किसी घटना का एक पक्ष या अधूरी जानकारी वीडियो के साथ प्रसारित कर दी जाती है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा होती है और वास्तविक तथ्यों से अलग संदेश लोगों तक पहुंचता है।
प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हर वीडियो या खबर को अंतिम सत्य न मानें। अस्पताल से संबंधित किसी भी संवेदनशील जानकारी की पुष्टि अधिकृत स्रोतों से करने के बाद ही उसे आगे प्रसारित किया जाए।
मरीजों की निजता के साथ समझौता नहीं
अस्पताल प्रशासन ने साफ किया कि चिकित्सालय एक सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान है, जहां गंभीर अवस्था में मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में किसी मरीज या उसके परिजन की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर या वीडियो बनाकर सार्वजनिक करना निजता के अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है।
अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाए रखने, निर्धारित नियमों का पालन करने और मरीजों के हित में सहयोग करने की अपील की है। अस्पताल प्रबंधन के वीडियो संदेश के बाद अब सोशल मीडिया पर मोबाइल प्रतिबंध और अनधिकृत वीडियोग्राफी को लेकर चल रहे दावों पर स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
No Previous Comments found.