सरकारी नौकरी में शिक्षक,निजी कोचिंग का आरोप! विद्यार्थियों की संबल राशि पर भी सवाल, DEO से शिकायत
रीवा : खबर मध्यप्रदेश के रीवा जिले से है जहां शासकीय सेवा में रहते हुए निजी कोचिंग संचालन के आरोप और विद्यार्थियों की संबल राशि से जुड़ा मामला सामने आने के बाद रीवा के शासकीय आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ व्याख्याता श्यामाचरण उपवंशी लोधी की भूमिका पर सवाल उठे हैं। मामले को लेकर 13 अक्टूबर 2026 को जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया गया है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
कई वर्षों से निजी कोचिंग चलाने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित व्याख्याता शासकीय सेवा में रहते हुए कथित तौर पर कई वर्षों से निजी कोचिंग का संचालन कर रहे हैं। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह सेवा नियमों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। शिकायतकर्ता ने शिक्षा विभाग से आरोपों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
विद्यार्थियों की संबल राशि का मुद्दा भी उठाया
शिकायती आवेदन में विद्यार्थियों की संबल राशि से संबंधित विषय भी उठाया गया है। हालांकि, इस संबंध में राशि की पात्रता, स्वीकृति, वितरण और कथित अनियमितता के स्वरूप को लेकर विस्तृत तथ्य सामने आना बाकी है। ऐसे में विभागीय जांच के जरिए ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम का हवाला
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 28 का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस धारा के तहत शिक्षक द्वारा निजी ट्यूशन या निजी शिक्षण गतिविधियों में शामिल होने पर रोक का प्रावधान है। हालांकि, संबंधित व्याख्याता पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
DEO की जांच से खुलेगा मामला
अब सवाल यह है कि जिला शिक्षा अधिकारी इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं? क्या निजी कोचिंग संचालन के आरोपों की जांच होगी? विद्यार्थियों की संबल राशि से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे? और यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाएगी?
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी

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