2025 में गुरु की उल्टी चाल: क्या बदल जाएगा भाग्य का नक्शा?

2025 में गुरु (बृहस्पति) की अतिचारी चाल वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना मानी जाती है, जो सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में असर डालती है। यह चाल जब गुरु अपनी सामान्य गति से उल्टी दिशा में चलते हैं (पृथ्वी से देखने पर), तब उनकी ऊर्जा का प्रभाव अधिक गहरा और आंतरिक हो जाता है। आइए समझते हैं कि 2025 में गुरु की अतिचारी चाल सुख लाएगी या संकट:

गुरु की अतिचारी चाल 2025 में कब होगी?
सटीक तिथियां पंचांग या ज्योतिषीय कैलेंडर से मिलती हैं, लेकिन अनुमानतः गुरु 2025 में मिथुन और वृष राशि के बीच गतिशील रहेंगे और मध्य से अंत तक में अतिचारी हो सकते हैं।

गुरु की प्रकृति और प्रभाव
गुरु एक शुभ ग्रह माना जाता है, जो ज्ञान, धन, धर्म, संतान, विवाह, और समृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है। अतिचारी चाल में:

  • आत्मनिरीक्षण का समय होता है।
  • रुके हुए कार्यों की समीक्षा हो सकती है।
  • पुराने कर्मों के फल अधिक गहराई से सामने आ सकते हैं।

सुख के संकेत (अनुकूल फल)
गुरु की अतिचारी चाल निम्न राशियों के लिए लाभकारी हो सकती है:

कर्क, सिंह, धनु, मीन राशि –

  •  नई शिक्षा, विवाह प्रस्ताव, करियर में तरक्की
  •  आध्यात्मिक जागरूकता और मानसिक शांति
  •  रुका हुआ धन या कार्य पुनः गति पकड़ सकता है।

 संकट के संकेत 
निम्न राशियों को सतर्क रहना चाहिए:

  • मिथुन, कन्या, मकर, कुंभ राशि –
  •  वाद-विवाद, स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव
  •  निर्णय लेने में भ्रम या देरी
  •  संतान से संबंधित चिंता या शिक्षा में रुकावट

 उपाय (उपचार)

  • गुरुवार को पीले वस्त्र पहनें, पीले फूल और चने की दाल दान करें।
  • “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • सदाचार और गुरुजनों का सम्मान करें।

गुरु की अतिचारी चाल 2025 में कुछ राशियों के लिए आत्मविकास और अवसरों का समय हो सकता है, वहीं अन्य राशियों को संयम, धैर्य और विवेक से कार्य करना होगा। कुल मिलाकर, यह चाल न तो पूर्णतः शुभ है, न अशुभ — इसका असर आपकी कुंडली के अनुसार तय होगा।

 

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