सावन के इस पावन महीने में गलती से भी न पहनें इस रंग के कपड़े

सावन का महीना हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है, विशेष रूप से भगवान शिव की उपासना के लिए। इस दौरान व्रत, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ परिधान और रंगों का भी विशेष महत्व होता है। इस साल 2025 में सावन की शरुआत 11 जुलाई (शुक्रवार ) से हुई. 14 जुलाई को सावन का पहला सोमवार मनाया गया, देश भर में शिव भक्तों की लम्बी कतारें मंदिरों में भगवान भोले के दर्शन करने को लगी रहीं. सावन के इस पावन महीने में कपड़ों के रंगों का भी काफी महत्त्व होता है, आइए जानें कि सावन में कौन से रंग के कपड़े पहनने चाहिए और किन रंगों से परहेज करना चाहिए:  

सावन में पहनने के लिए शुभ रंग:
1.हरा रंग (Green)
यह सावन का प्रतीक रंग माना जाता है।
हरियाली, उन्नति, शांति और प्रकृति से जुड़ा होता है।
विशेषकर महिलाएं हरी चूड़ियाँ, हरी साड़ी या सलवार-सूट पहनती हैं।

2.पीला रंग (Yellow)
सुख, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है।
यह रंग मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा देता है।

3.गुलाबी रंग (Pink)
प्रेम और कोमलता का प्रतीक होता है।
यह सौम्यता और आकर्षण को बढ़ाता है।

4.सफेद रंग (White)

शुद्धता, शांति और आध्यात्मिकता का प्रतीक।

शिवजी को सफेद वस्त्र और बिल्वपत्र प्रिय हैं।

सावन में जिन रंगों से परहेज करें:

1.काला रंग (Black)

इसे अशुभ और नकारात्मकता से जुड़ा माना जाता है।
धार्मिक दृष्टिकोण से यह शोक और दुख का रंग होता है।

2.नीला गाढ़ा रंग (Dark Blue/Navy)

कुछ परंपराओं में इसे भी अशुभ माना जाता है।यह रंग उदासी और ठंडक का प्रतीक माना जाता है, जो पूजा-पाठ के माहौल के विपरीत है।

3.भड़कीले या बहुत चमकीले रंग (Neon, Bright Red आदि)

पूजा-पाठ के समय सौम्य और शांत रंगों को प्राथमिकता दी जाती है।
भड़कीले रंग धार्मिक वातावरण से मेल नहीं खाते।

विशेष टिप्स:

सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा के समय सादा और हल्के रंगों के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है।महिलाएं सावन में हरे रंग की चूड़ियाँ, बिंदी और मेहंदी लगाना शुभ मानती हैं।

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