शारदीय नवरात्रि 2025: सफल पूजा के लिए पालन करें ये 7 नियम

शारदीय नवरात्रि हिन्दू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जो माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। वर्ष 2025 में शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर, सोमवार से शुरू हो रही है और 30 सितंबर तक चलेगी। इस दौरान केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि कुछ नियमों का पालन करना भी बेहद महत्वपूर्ण है। आइए जानें नवरात्रि 2025 में पालन करने योग्य 7 प्रमुख नियम।

1. नियत समय पर पूजा करें
मां दुर्गा की पूजा हमेशा एक निश्चित समय पर करें। सुबह या संध्या समय में पूजा करना श्रेष्ठ माना जाता है। नियमित समय पर पूजा करने से मानसिक शांति मिलती है और पूजा का प्रभाव अधिक होता है।

2. सात्विक भोजन का सेवन करें
नवरात्रि के 9 दिनों में केवल सात्विक भोजन का सेवन करें। मांसाहार, नॉनवेज और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित है। कुछ भक्त इस दौरान ब्रह्मचर्य का पालन भी करते हैं। फल, दूध, दही और विशेष नवरात्रि व्यंजन इस समय खाने योग्य होते हैं।

3. अखंड ज्योति जलाएं
यदि आपने अखंड ज्योति जलाई है, तो इसे पूरे नवरात्रि के दौरान लगातार जलता रखें। मान्यता है कि ज्योति का बुझना अशुभ संकेत होता है और इससे पूजा का प्रभाव कम हो सकता है।

4. सही दिन और सही देवी को भोग अर्पित करें
नवरात्रि के प्रत्येक दिन माता दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा की जाती है। इसलिए उस दिन की देवी के अनुसार भोग, फूल और अन्य प्रसाद अर्पित करें। इससे पूजा का महत्व बढ़ता है और देवी की कृपा अधिक मिलती है।

5. कन्या पूजन करें
कन्या पूजन नवरात्रि का एक प्रमुख हिस्सा है। आप रोजाना एक कन्या की पूजा कर सकते हैं या अष्टमी/नवमी को नौ कन्याओं का एक साथ पूजन कर सकते हैं। कन्याओं को सम्मानपूर्वक भोजन और दान-पुण्य देकर उन्हें आशीर्वाद दें।

6. नाखून और बाल न काटें
भक्तों का विश्वास है कि नवरात्रि के दौरान बाल और नाखून नहीं काटने चाहिए। महिलाएं खुले बालों के साथ पूजा न करें और पूजा करते समय पुरुष व महिलाएं दोनों अपने सिर को ढकें। यह नियम नवरात्रि की पवित्रता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

7. कलश स्थापना के दौरान घर खाली न छोड़ें
यदि आपने घर में कलश स्थापना की है, तो नवरात्रि के 9 दिनों तक घर खाली न छोड़ें। कलश स्थापना के समय यह नियम पूजा की सफलता के लिए आवश्यक माना जाता है।

शारदीय नवरात्रि के दौरान इन नियमों का पालन करने से न केवल पूजा का प्रभाव बढ़ता है, बल्कि जीवन में सुख, शांति और समृद्धि भी आती है। 

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