1 या 2 अक्टूबर नवरात्रि व्रत पारण: समय, नियम और सात्विक भोजन
नवरात्रि हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें माँ दुर्गा की आराधना और 9 दिनों का व्रत रखा जाता है। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन भी लाता है। हर भक्त नवरात्रि के अंत में व्रत का पारण सही दिन और शुभ मुहूर्त में करना चाहता है। 2025 में नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हुई थी और समाप्ति 1 अक्टूबर को होगी। इस आर्टिकल में जानें कि 1 अक्टूबर या 2 अक्टूबर किस दिन व्रत खोलना अधिक शुभ रहेगा और पारण के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
नवरात्रि 2025 की तिथियाँ
- शुरुआत: 22 सितंबर 2025
- अष्टमी तिथि: 30 सितंबर 2025
- नवमी तिथि: 1 अक्टूबर 2025
- दशमी तिथि / विजयादशी: 2 अक्टूबर 2025
व्रत पारण कब करें?
नवरात्रि व्रत पारण की परंपरा अलग-अलग समुदायों और परिवारों में भिन्न हो सकती है। मुख्यतः तीन विकल्प होते हैं: अष्टमी, नवमी और दशमी।
1. अष्टमी तिथि (30 सितंबर)
अष्टमी तिथि 29 सितंबर शाम 4:33 से शुरू होकर 30 सितंबर शाम 6:06 बजे तक रहेगी।जो लोग अष्टमी को पारण करना चाहते हैं, वे कन्या पूजन और हवन के बाद व्रत खोल सकते हैं।इस दिन पारण करते समय केवल सात्विक भोजन ही ग्रहण करें।
2. नवमी तिथि (1 अक्टूबर)
नवमी तिथि 1 अक्टूबर को शाम 7 बजे तक रहेगी।नवमी पर भी व्रत खोलने का विकल्प है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो पूरे 9 दिन व्रत नहीं रख पाते।कन्या पूजन और हवन के बाद ही व्रत खोलना शुभ माना जाता है।
3. दशमी तिथि / विजयादशी (2 अक्टूबर)
दशमी तिथि उन भक्तों के लिए सबसे शुभ है, जो पूरा 9 दिन व्रत रखते हैं।व्रत पारण का शुभ समय: सुबह 6:15 बजे के बाद।दशमी तिथि पर पारण करने से व्रत का पुण्य और अधिक बढ़ता है।
व्रत पारण में क्या खाएं और क्या न खाएं
- सात्विक भोजन: खीर, फल, दूध, साबुत अनाज आदि।
- वर्जित चीजें: लहसुन, प्याज और नमक वाली सामग्री।
- माता रानी को अर्पित प्रसाद से व्रत खोलना शुभ होता है।
अगर आप पूरे 9 दिन व्रत रखते हैं → 2 अक्टूबर (दशमी / विजयादशी) को पारण करें।अगर आप अष्टमी या नवमी पर पारण करना चाहते हैं → 30 सितंबर या 1 अक्टूबर को कन्या पूजन/हवन के बाद व्रत खोल सकते हैं।सही मुहूर्त और सात्विक विधि से किया गया पारण आपके व्रत का पुण्य बढ़ाता है और माँ दुर्गा की कृपा सुनिश्चित करता है।

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