Akshaya Navami 2025: इस दिन करें आंवला वृक्ष की पूजा, मिलेगा अक्षय फल और धन

हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को अक्षय नवमी या आंवला नवमी कहा जाता है।2025 में अक्षय नवमी का पर्व 10 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा।‘अक्षय’ शब्द का अर्थ होता है जो कभी नष्ट न हो, यानी इस दिन किए गए सत्कर्म, दान, पूजन और व्रत का फल कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन भगवान विष्णु और आंवला वृक्ष की पूजा विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। माना जाता है कि इस दिन किया गया पूजन स्वास्थ्य, समृद्धि और अक्षय धन प्रदान करता है।

आंवला नवमी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक शुक्ल नवमी से लेकर पूर्णिमा तक भगवान विष्णु का वास आंवले के वृक्ष में होता है।
इसी कारण इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि आंवला नवमी के दिन आंवले के वृक्ष के नीचे पूजा करने से तीर्थ स्नान के समान पुण्य प्राप्त होता है।

कुछ पुराणों के अनुसार, सतयुग का आरंभ भी इसी दिन हुआ था, इसलिए यह तिथि अत्यंत पवित्र और शुभ मानी जाती है।

अक्षय नवमी पूजा विधि (Puja Vidhi)

  • इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ निम्न विधि से पूजा करें:
  • प्रातःकाल स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • आंवला वृक्ष के नीचे गंगाजल छिड़कें और उसके नीचे पूजा की वेदी बनाएं।
  • वृक्ष की जड़ में दूध अर्पित करें और पूर्व दिशा की ओर मुख करके मंत्र जप करें —“ॐ धात्र्ये नमः”
  • इसके बाद घी या कपूर का दीपक जलाएं और वृक्ष की आरती करें।
  • 108 बार आंवला वृक्ष की परिक्रमा करें।
  • पूजा के बाद ब्राह्मण, गरीब या जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं और स्वयं भी वृक्ष के नीचे भोजन करें।

 ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।

समृद्धि और धन लाभ के विशेष उपाय

ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि अक्षय नवमी के दिन किए गए कुछ विशेष उपाय धन संबंधी बाधाओं को दूर करते हैं:

  • पांच गेंदे के फूल लाल कपड़े में बांधें और भगवान विष्णु को अर्पित करें।
  • पूजा के बाद पोटली को घर की पूर्व दिशा में रखें — इससे धन की तंगी समाप्त होती है।
  • शंख अर्पित करें — भगवान विष्णु को शंख चढ़ाने से दांपत्य जीवन की नकारात्मकता समाप्त होती है और घर में शांति व सौहार्द बढ़ता है।
  • दान-पुण्य करें — जरूरतमंदों को गर्म कपड़े, भोजन और धन का दान करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और कष्ट दूर होते हैं।

 स्वास्थ्य और आध्यात्मिक लाभ

अक्षय नवमी का सीधा संबंध आंवले के वृक्ष और उसके फल से है।आंवला न केवल आयुर्वेद में अमृतफल कहा गया है, बल्कि यह भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय भी है।पूजा के बाद भगवान विष्णु को आंवले का भोग लगाकर उसका सेवन करने से —

  • पापों का नाश होता है,
  • आरोग्य (स्वास्थ्य) की प्राप्ति होती है,
  • मन की शांति और दीर्घायु मिलती है।

अक्षय नवमी 2025 न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि आध्यात्मिक और स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है।इस दिन किया गया आंवला पूजन, भगवान विष्णु की आराधना और दान-पुण्य व्यक्ति के जीवन में अक्षय सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लेकर आता है। इस पवित्र अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और सेवा के भाव से किया गया हर कार्य अनंत फलदायी होता है।इसलिए इस वर्ष 10 नवंबर को मनाएं अक्षय नवमी —और पाएं सेहत, समृद्धि और अक्षय धन का आशीर्वाद।

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