Panchak February 2026: 17 फरवरी से लगेगा पंचक, जानें समाप्ति तिथि और सावधानियां
BY- ANJALI SHUKLA
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में प्रवेश करता है, तब पंचक का योग बनता है। सरल शब्दों में कहें तो चंद्रमा के कुंभ और मीन राशि में गोचर करने के दौरान पंचक लगता है, जिसे अशुभ काल माना जाता है। इस अवधि में किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है, क्योंकि इनके सफल न होने या बाधा आने की संभावना रहती है।
पंचांग के मुताबिक फरवरी 2026 में पंचक की शुरुआत 17 फरवरी को सुबह 09 बजकर 05 मिनट से होगी और इसका समापन 21 फरवरी की रात 07 बजकर 07 मिनट पर होगा। यह पंचक मंगलवार को शुरू हो रहा है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जाएगा। ज्योतिषविदों के अनुसार अग्नि पंचक के दौरान आग से जुड़ी घटनाओं का खतरा अधिक रहता है, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
अग्नि पंचक के समय घर में गैस सिलेंडर, लकड़ी या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं का भंडारण नहीं करना चाहिए। साथ ही अग्नि से संबंधित मशीनों का उपयोग, नया काम या प्रोजेक्ट शुरू करना, हवन-यज्ञ, छत डालना, लकड़ी इकट्ठा करना और फर्नीचर खरीदना भी वर्जित माना गया है। इस दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा, चारपाई या पलंग बनवाना और शव का अंतिम संस्कार बिना विशेष विधि के नहीं करना चाहिए। पंचक के नियमों का पालन कर संभावित नुकसान से बचा जा सकता है।


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