सेमरिया भाजपा में चल रही आपसी गुटबाजी से बीजेपी की अध्यक्षी गई,सेमरिया नगर परिषद अध्यक्ष के उपचुनाव में कांग्रेस ने मारी बाजी
रीवा : जिले के सेमरिया नगर परिषद अध्यक्ष उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की है। कांग्रेस प्रत्याशी पदमा रोहिणी कुशवाहा ने भाजपा प्रत्याशी आराधना विश्वकर्मा को 746 मतों के अंतर से पराजित कर भाजपा की सीट छीन ली। परिणाम घोषित होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम सिरमौर दृष्टि जयसवाल द्वारा प्रमाण पत्र दया गया।यह उपचुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक रहा,क्योंकि प्रदेश में पहली बार नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया गया। नए नियमों के तहत सेमरिया नगर परिषद अध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से संपन्न हुआ। जैसे ही परिणाम घोषित हुए, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ कार्यकर्ताओं ने जीत का उत्सव मनाया।भाजपा के लिए बड़ा झटका गौरतलब है कि यह उपचुनाव नगर परिषद अध्यक्ष रानी विश्वकर्मा के निधन के बाद कराया गया था। शेष बचे डेढ़ साल के कार्यकाल के लिए यह उपचुनाव आयोजित किया गया था। इस जीत को कांग्रेस स्थानीय राजनीति में बड़ी सफलता के रूप में देख रही है, जबकि भाजपा के लिए यह सीट गंवाना एक झटका माना जा रहा है वहीं सेमरिया नगर पंचायत उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद, सेमरिया भाजपा के अंदर चल रहे आंतरिक गुटबाजी पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि क्या सेमरिया भाजपा पहले जैसी नहीं रही? और पिछले विधानसभा चुनाव में भी सेमरिया भाजपा में चल रहे आंतरिक गुटबाजी से पार्टी को विधानसभा सीट गंवानी पड़ी थी आज फिर से उसी आंतरिक गुटबाजी के कारण सेमरिया नगर पंचायत अध्यक्ष की सीट भी भाजपा के हांथ से निकल गई, उपचुनाव के नतीजे सिर्फ हार नहीं बल्कि सेमरिया की जमीनी सियासत का संकेत भी माने जा रहे हैं। बीजेपी की बड़ी हार के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि पार्टी आलाकमान किस तरह से सेमरिया भाजपा में चल रहे आंतरिक गुटबाजी से निजात पाएगी, वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी को जबरदस्त पटखनी देने के बाद कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा सेमरिया की राजनीति के असली चाणक्य के रूप में निकलकर सामने आए हैं !
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी

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