जल जीवन मिशन में घोटाला नहीं,सामूहिक डकैती,9माह बाद भी जांच रिपोर्ट गायब- कुंज बिहारी तिवारी
रेवा - देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना मऊगंज जिले में कथित तौर पर भ्रष्टाचार और लूट का जरिया बनती दिख रही है। अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने आरोप लगाया कि इस योजना में “घोटाला नहीं बल्कि सामूहिक डकैती” हुई है,जिस पर अब तक कठोर कार्रवाई नहीं होना बेहद चिंताजनक है।तिवारी ने बताया कि अवर सचिव,मुख्य सचिव तथा आयुक्त,रीवा संभाग द्वारा टाइम-लाइन (TL) में 15 दिन के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, लेकिन 9 महीने बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई। यह देरी इस बात की ओर इशारा करती है कि किस तरह से प्रशासनिक तंत्र और भ्रष्टाचारियों का गठजोड़ जनकल्याणकारी योजनाओं पर डांका डाल रहा है।कुंज बिहारी तिवारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय मऊगंज पहुंचकर जनसुनवाई में आवेदन सौंपते हुए कहा कि “अब देखना है कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता है या सच में जनता की सुनवाई होती है।”उन्होंने मांग की कि जल जीवन मिशन के सभी कार्यों का भौतिक सत्यापन,भुगतान, पाइपलाइन,टंकी और कनेक्शन की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कर दोषियों पर एफआईआर,वसूली और निलंबन जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।तिवारी ने चेताया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जल जीवन मिशन की जांच पर सवाल 15 दिन की समय-सीमा,9 माह बाद भी रिपोर्ट नहीं जल जीवन मिशन के अंतर्गत मऊगंज जिले में कराए गए कार्यों की जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंज बिहारी तिवारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालय मऊगंज में आयोजित जनसुनवाई में आवेदन देकर जांच रिपोर्ट में हो रही देरी पर आपत्ति दर्ज कराई। तिवारी के अनुसार,अवर सचिव, मुख्य सचिव और आयुक्त,रीवा संभाग द्वारा 15 दिन में जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे,किंतु लगभग 9 माह बीतने के बाद भी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर नल से जल पहुंचाना है,लेकिन यदि योजनाओं में अनियमितता होती है और समय-सीमा का पालन नहीं होता, तो इससे आम जनता का भरोसा कमजोर होता है। अगस्त क्रांति मंच ने मांग की है कि जांच रिपोर्ट तत्काल सार्वजनिक की जाए दोषियों की जिम्मेदारी तय हो वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।प्रशासन की ओर से जनसुनवाई में आवेदन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी

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