केंद्रीय बजट 2026 आमजनता,किसान,मजदूर, युवा व महिलाएं के लिए निराशाजनक - गिरजेश पांडेय

रेवा - केंद्र सरकार द्वारा पेश किए बजट को लेकर सिरमौर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के नेता गिरजेश पांडेय ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि आज पेश किया गया केंद्रीय बजट एक बार फिर यह उजागर करता है कि सरकार की प्राथमिकताएँ आम जनता नहीं, महज आंकड़े और कॉरपोरेट हित में हैं,यह बजट भाषण में भले ही “विकास” और “आत्मनिर्भरता” का दावा करे, लेकिन ज़मीनी हकीकत में किसान, मजदूर, युवा, महिलाएँ, मध्यम वर्ग, दलित-आदिवासी और राज्य सरकारें—सब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं !

खेती की लागत बढ़ती जा रही है, लेकिन MSP की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और सिंचाई जैसे बुनियादी मुद्दों पर बजट मौन है ! अन्नदाता के नाम पर सिर्फ़ औपचारिक घोषणाएँ हैं, समाधान नहीं ! महँगाई, बेरोज़गारी और असंगठित क्षेत्र की दुर्दशा पर कोई ठोस राहत नहीं ! मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए बजट बढ़ाने के बजाय सरकार ने उम्मीदों को ही कम कर दिया ! न नौकरियों का स्पष्ट रोडमैप,न ही शिक्षा को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए पर्याप्त निवेश ! परीक्षा,भर्ती और रोजगा हर मोर्चे पर युवा खुद को असहाय महसूस कर रहा है! महिला सशक्तिकरण की बातें तो बहुत हैं,लेकिन स्वास्थ्य,सुरक्षा, पोषण और रोजगार में वास्तविक हिस्सेदारी के लिए बजट प्रावधान नाकाफी हैं ! टैक्स राहत की उम्मीद एक बार फिर टूट गई, बढ़ती महँगाई के बीच मध्यम वर्ग को सिर्फ़ आश्वासन मिला,राहत नहीं ! सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं के लिए न तो अपेक्षित संसाधन मिला, न ही समान अवसर सुनिश्चित करने की ठोस नीति दिखी ! राज्यों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार और संसाधन दिए बिना भाषणों में ही बजट पेश किया गया है!यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” नहीं,बल्कि “पूंजीपतियों का साथ,और उन्ही का विकास” प्रतीत होता है !

रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी 

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