AEG फाउंडेशन के तहत 80 कृषि उद्य‌मियों ने लिया हिस्सा

रेवा - कृषि उद्यमियों की वार्षिक समीक्षा बैठक का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिले के 80 कृषि उद्यमियों (AE) ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागी AEG फाउंडेशन के अंतर्गत 40 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाणपत्र हासिल कर चुके हैं और वर्तमान में कृषि से जुड़े विभिन्न नवीन व्यवसायों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और 55-60 हजार किसान को कृषि परामर्श और अन्य बिजनेस के माध्यम से लाभ पहुंचा रहे है।यह कार्यक्रम प्रोजेक्ट लीड गौरव कुमार के मार्गदर्शन एवं सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर हेमंत कुमार के कुशल नेतृत्व में किया गया, जिनके प्रयासों से यह आयोजन प्रभावशाली और परिणामदायक रहा।इस अवसर पर विभिन्न शासकीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें,पशुपालन-डेयरी विभाग के उप संचालक डॉ. ए.पी.सिंह, उद्यानिकी विभाग के HEO श्रीमती सुधा पटेल,MPSRLM के DM Agri.इन्द्रजीत पटेल,रामपुर बाघेलान के BPM श्री विकास पाण्डेय,नागौद के ABM श्रीमती प्रियंका त्रिपाठी और अन्य संस्थाए से प्रतिनिधि एवं AEM टीम सतना भानुप्रताप सिंह, सुमित सिंह, रोहित तिवारी प्रमुख रूप से शामिल रहे।बैठक के दौरान कृषि उद्यमिता को सशक्त बनाने,किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने तथा शासकीय योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही कृषि उद्यमियों के व्यवसायिक विकास,आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार एवं किसानों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु ठोस रणनीतियों तैयार की गई। सरकारी योजनाओं की जानकारी कृषि उधमियों को साझा की गई। उद्यानिकी विभाग द्वारा फलदार पौधरोपण, सब्जी उत्पादन, ड्रिप सिंचाई एवं अनुदान योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कृषि विभाग द्वारा उन्नत बीज, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन एवं फसल सुरक्षा तकनीकों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया। SRLM विभाग द्वारा स्वयं सहायता समूहों (SHGS) के माध्यम से ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला गया। FINO बैंक प्रतिनिधियों द्वारा डिजिटल बैंकिंग,ऑनलाइन लेन-देन एवं वित्तीय समावेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि कृषि उद्यमियों, विभागीय अधिकारियों एवं किसानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कृषि व्यवसाय को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित होगी। अंत में उपस्थित अधिकारियों ने कृषि उद्यमियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल किसानों को तकनीकी सेवाओं एवं शासकीय योजनाओं से जोड़ने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रहा है। इससे जिले में कृषि विकास को नई दिशा और गति मिल रही है।

रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी 

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