रीवा संभाग में कांग्रेस पार्टी के अंदर ब्राह्मण नेतृत्व की मांग तेज
रीवा - संभाग सहित पूरे विंध्य में कांग्रेस की लगातार कमजोर होती स्थिति को मजबूत करने की तार्किक बात करते हुए अब कांग्रेसी ब्राह्मण नेताओं ने पार्टी,संगठन और चुनावों में प्रतिनिधित्व को लेकर खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। रीवा, सीधी,मऊगंज,सिंगरौली,सतना और मैहर जिलों से पहुंचे ब्राह्मण नेताओं के प्रतिनिधि मंडल ने राजधानी भोपाल में कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात कर साफ कहा है कि यदि पार्टी को रीवा संभाग में फिर से खड़ा करना है, तो सामाजिक संतुलन के साथ शीर्ष नेता राहुल गांधी की मंशानुरूप "जिसकी जितनी संख्या भारी,उसकी उतनी हिस्सेदारी" सुनिश्चित करनी होगी प्रतिनिधिमंडल पूर्व से तय समयानुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से भोपाल स्थित आवासीय कार्यालय में अलग अलग मिलकर राज्यसभा में रीवा संभाग से कांग्रेस के ब्राह्मण चेहरे को भेजने की मांग रखी ! उनका कहना था कि लंबे समय से इस समाज की उपेक्षा हो रही है, जिसका सीधा असर चुनावी परिणामों में दिखाई दे रहा है
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि कि 3 लोक सभा सहित 22 विधानसभा क्षेत्रों आजादी के बाद जब पूरे देश मे कांग्रेस का प्रभाव बढ़ा तब यहाँ समाजवादियों का प्रभाव होता था ! कांग्रेस पार्टी ने इस अंचल में विस्तार करने की रणनीति बनाई और लगभग सफल हुई,पार्टी ने तब भी ब्राह्मण नेतृत्व को आगे करके यहाँ राजनैतिक वर्चस्व प्राप्त किया था ! पश्चात पार्टी ने धीरे धीरे समाज के नेतृत्व को घटाना शुरू किया ! इस संभाग में ब्राह्मण मतदाता सबसे बड़ी संख्या में होकर निर्णायक भूमिका में हैं, बाबजूद लगभग दो दशक से टिकट वितरण और संगठनात्मक पदों में उन्हें पर्याप्त स्थान नहीं मिल रहा ! ऐसे में ब्राह्मण समाज के आम मतदाताओं सहित कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ रही है और इसका लाभ विपक्ष उठा रहा है ! इस अहम राजनैतिक मुलाकात के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यदि पार्टी में ब्राह्मण नेताओ को सम्मानजनक नेतृत्व दिया जाता है, तो न केवल रीवा संभाग अपितु समूचे विंध्य में कांग्रेस की स्थिति मजबूत होगी, और इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा !प्रतिनिधि मंडल की ओर से वरिष्ठ नेता गिरिजेश कुमार पाण्डेय ने नेताओं के समक्ष पूरा पक्ष रखा !
संभाग के सभी जिले से आये नेताओं का परिचय कांग्रेस नेता विनोद शर्मा ने कराया ! प्रति निधि मंडल में सीधी से ज्ञानेंद्र द्विवेदी,वरुण द्विवेदी सिंगरौली से राम अशोक शर्मा,श्रीमती मधु शर्मा,देवेंद्र दरोगा पाठक,रमाशंकर शुक्ल सतना से महीपत शुक्ल,उपेंद्र मिश्र मऊगंज से आर बी शर्मा, हरिगोविंद सिंह तिवारी,कमलेश पाण्डेय, मैहर से अखिल मिश्रा,शिवम पाण्डेय तथा रीवा से गिरिजेश कुमार पाण्डेय,विनोद शर्मा,अभिषेक तिवारी,दिलीप तिवारी तथा राज तिवारी शामिल थे! विगत कई महीनों सम्भाग के सभी जिलों कांग्रेस के ब्राह्मण नेताओं (प्रबुध्द समाज) द्वारा की जा चुकी चिन्तनबैठको और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी तथा प्रदेश अध्यक्ष और नेता विपक्ष से हुई मुलाकात से राजनीतिक संदेश साफ है,कि यह मांग सिर्फ एक सीट तक सीमित नहीं है,बल्कि यह कांग्रेस के विस्तार और पुनर्वापसी के लिए एक व्यापक राजनीतिक संकेत है ! रीवा संभाग सहित विंध्य क्षेत्र लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ बन गया है और कांग्रेस यहां लगातार संघर्ष कर रही है ! ऐसे में सामाजिक समीकरणों को साधने की संगठित मांग को पार्टी के अंदर रणनीतिक बदलाव के रूप में भी देखा जाना चाहिए ! अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस आलाकमान इस मांग को किस तरह लेता है। क्या रीवा संभाग से राज्यसभा में ब्राह्मण चेहरा भेजकर पार्टी नए समीकरण बनाएगी, या फिर यह मांग भी बाकी राजनीतिक मुद्दों की तरह ठंडी पड़ जाएगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा ! लेकिन विंध्य में कांग्रेस की वापसी की राह अब सामाजिक प्रतिनिधित्व से होकर गुजरती दिख रही है, पार्टी के ब्राह्मण नेताओं की एकजुट मांग पार्टी के लिए चेतावनी भी है और अवसर भी यदि सही समय पर निर्णय लिया गया,तो राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं ! बहरहाल पार्टी के अंदर लंबे समय से इस वर्ग की उपेक्षा का असर अब सीधे चुनावी नतीजों पर दिख रहा है ! रीवा संभाग सहित पूरे विंध्य की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और गरमाने के साफ संकेत मिलते प्रतीत हो रहे है !
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
No Previous Comments found.