चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत डायल 112 के संरक्षण पर खुलेआम बिक रहा गांजा
रेवा : खबर मध्यप्रदेश के रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र से है जहां एक शर्मनाक खुलासा सामने आया है। स्थानीय लोगों ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत डायल-112 की मिलीभगत से गांजे की खुलेआम बिक्री हो रही है।चोरहटा बायपास और नहर के आसपास शाम ढलते ही नशे का बाजार सज जाता है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो थाने से चंद कदमों की दूरी पर पुड़िया का खेल चलता है। सबसे चौंकाने वाली बात - स्थानीय लोगों का आरोप है कि 112 की गाड़ी को देखकर तस्कर भागते नहीं, बल्कि उनके सेटिंग से ही यह गोरख धंधा चलता है।अब यह नशें का अवैध व्यापार शहर ही नहीं बल्कि चोरहटा थाना क्षेत्र के गांवों में भी अपना पैर पसार चुका है आपको बता दें कि चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत कई ऐसे गांव हैं जहां यह गांजे का अवैध व्यापार बड़ी तेजी से अपना पैर पसार चुका है जहां एक तरफ रीवा जोन आईजी नशें के अवैध व्यापार को जड़ से खत्म करने की बात करते हैं वहीं पुलिस विभाग के ही अधीनस्थ कर्मचारियों द्वारा उनके मंसूबों पर पानी फेरे जाने की बातें सामने आ रही है।
पुलिस महकमे पर सीधा दाग
1. 112 पर सवाल: क्या डायल-112 नशा रोकने आई है या नशा बिकवाने?
2. मुखबिर या मिलीभगत: थाने को खबर क्यों नहीं? या खबर दबा दी जाती है?
3. छोटी मछली vs बड़े मगरमच्छ:
पुड़िया वाले रोज पकड़ाते हैं, सरगना और 'संरक्षक' कब पकड़ में आएंगे?
TI पवन शुक्ला से उम्मीद
तेज-तर्रार माने जाने वाले TI पवन शुक्ला के लिए ये सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है। क्या वो 112 और तस्करों के गठजोड़ को तोड़कर चोरहटा को नशा मुक्त बना पाएंगे? रीवा पुलिस की साख दांव पर है।
जनता की चेतावनी:
"112 भरोसे की नंबर है, मिलीभगत का नहीं SP साहब संज्ञान लें।"
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी


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