गरीबों को राशन की जगह वितरित किया जा रहा राख और मिट्टी
रीवा : मध्य प्रदेश के रीवा जिले में आज हालात ये हैं कि गरीबों को खाद्यान्न में मिलने वाला गेंहू भी सुरक्षित नहीं है।सेमरिया की हरदुआ समिति का टैग लगा गेंहू,वेयरहाउस से निकलकर कोटा के वितरण केन्द्र तक पहुंचता है और जब सच सामने आता है, तो उसमें गेंहू की जगह राख और मिट्टी मिलती है।
क्या यही है खाद्यान्न प्रबंधन?
क्या गरीबों के पेट में अब राख और मिट्टी भरने का इंतजाम किया जा रहा है?धान खरीदी में पहले ही गड़बड़ियां सामने आईं, तहसीलदार ने प्रतिवेदन दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
क्यों नहीं हुई? किसके दबाव में नहीं हुई?या फिर सच ये है कि ऊपर से नीचे तक कमीशनखोरी का पूरा तंत्र काम कर रहा है?
पूरे प्रदेश में मिल रहे खाद्यान्न की जांच होनी चाहिए,सेमरिया मामले में तुरंत FIR और गिरफ्तारी होनी चाहिए,
जिम्मेदार अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए,पिछले मामलों को खोलकर सच्चाई सामने लाई जाए।यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, यह गरीबों के हक पर हमला है।
और याद रखिए ,जब जनता के पेट पर चोट होती है, तो आवाज बहुत दूर तक जाती है।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी


No Previous Comments found.