आकांक्षा चतुर्वेदी प्रकरण: सरकार की संवेदनहीनता शर्मनाक
रेवा - एनएसयूआई रीवा के जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने नीट परीक्षा से जुड़ी छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के निधन के मामले में प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि घटना के लगभग दो सप्ताह बाद भी शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी अथवा सत्ता पक्ष का कोई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार से मिलने नहीं पहुंचा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में पंकज उपाध्याय ने कहा कि जिस परिवार ने अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से ऋण लेकर उसकी पढ़ाई कराई, आज वही परिवार बेटी को खोने के बाद आर्थिक, मानसिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे कठिन समय में सरकार को परिवार के साथ खड़ा दिखाई देना चाहिए था, लेकिन प्रदेश सरकार पूरी तरह संवेदनहीन और उदासीन बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में सत्ता पक्ष के कई बड़े जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद अब तक न तो कोई मंत्री, न कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और न ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार का हाल जानने पहुंचा है। यह सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। पंकज उपाध्याय ने मांग की कि प्रदेश सरकार तत्काल पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए, परिवार पर मौजूद शैक्षणिक एवं अन्य ऋणों के संबंध में राहत प्रदान करे तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करे, जिससे परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की भावनाओं से जुड़ा विषय है। जब छात्र अपने भविष्य को लेकर कठिन संघर्ष कर रहे हैं, तब सरकार की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस पार्टी और एनएसयूआई लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। विनोद जाखड़, विपिन वानखेड़े, आशुतोष चौकसे तथा मंजुल त्रिपाठी द्वारा पीड़ित परिवार से मुलाकात कर आर्थिक सहायता प्रदान की गई है और न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया गया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार शीघ्र इस मामले में ठोस और संवेदनशील कदम नहीं उठाती है, तो एनएसयूआई छात्रों और आम जनता के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
संवाददाता - अर्जुन तिवारी
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