जिसे कभी जीवन की गाड़ी चलाना भी मुश्किल लग रहा था,अब वही रेलगाड़ी चलाएगी
रीवा - ग्राम बहुरीबांध की अनुसूचित जाति वर्ग की प्रतिभाशाली बेटी कल्पना प्रजापति ने संघर्षों को अपनी कमजोरी नहीं,बल्कि सफलता की सीढ़ी बनाया। माता-पिता के असमय निधन के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और विपरीत परिस्थितियों में अपनी शिक्षा जारी रखी।कल्पना ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा रीवा आईटीआई से तकनीकी शिक्षा हासिल की। अपनी मेहनत,लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने लोको पायलट बनने का सपना साकार कर लिया। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और गांव के लिए गौरव का विषय है,बल्कि उन सभी युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने का साहस रखती हैं।कल्पना प्रजापति की सफलता यह संदेश देती है कि यदि इरादे मजबूत हों,तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मंजिल अवश्य मिलती है।
रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी
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