जेपी सीमेंट इकाई के श्रमिकों के हित में विप्र सेवा संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
रेवा : विप्र सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव शुक्ला के नेतृत्व में जयप्रकाश एसोसिएट लिमिटेड (जेपी सीमेंट) की जिम्स इकाई में कार्यरत श्रमिकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा, लंबित वेतन भुगतान तथा सेवा निरंतरता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में बताया गया कि जिम्स के मेडिकल, फायर एवं सिक्योरिटी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों में से मेडिकल और फायर विभाग के कर्मचारियों को नई प्रबंधन कंपनी द्वारा सेवा में रखा गया है, जबकि सिक्योरिटी विभाग के कर्मचारियों को कार्य से पृथक कर दिया गया है। इससे प्रभावित कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने अतिरिक्त कलेक्टर को जांच के निर्देश दिए तथा संबंधित कंपनी प्रबंधन से चर्चा कर उचित एवं न्यायोचित समाधान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि जयप्रकाश एसोसिएट लिमिटेड (JAL) में कार्यरत अनेक नियमित कर्मचारियों की सेवा अवधि 30 से 35 वर्ष पूर्ण हो चुकी है और वे अपने सेवा जीवन के अंतिम चरण में हैं। इसके बावजूद वर्तमान प्रबंधन द्वारा उनकी सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों एवं उनके परिवारों में असुरक्षा और चिंता का वातावरण बना हुआ है।
छह माह का वेतन लंबित, हजारों परिवार प्रभावित
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि JRC, JAL (E&C) एवं PRW से संबंधित लगभग 1000 श्रमिक, कर्मचारी एवं अधिकारियों का करीब छह माह का वेतन अब तक बकाया है। जबकि संबंधित अवधि में उत्पादन कार्य निरंतर जारी रहा। कर्मचारियों के वेतन से भविष्य निधि (PF) एवं प्रोफेशनल टैक्स की कटौती भी की गई, लेकिन लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया।
राजीव शुक्ला ने कहा कि यह केवल वेतन और नौकरी का मुद्दा नहीं है, बल्कि लगभग एक हजार परिवारों की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सामाजिक सम्मान से जुड़ा हुआ विषय है। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारी बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा उपचार, बैंक ऋण एवं आवास ऋण की किश्तों के भुगतान सहित दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने वर्षों तक निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ संस्थान की प्रगति एवं उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में उनके वैधानिक अधिकारों की उपेक्षा किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उत्पादन जारी रहने के बावजूद कर्मचारियों को उनके श्रम का उचित प्रतिफल न मिलना श्रम न्याय की भावना के विपरीत है।
प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा एवं सेवा की निरंतरता सुनिश्चित की जाए।
लंबित छह माह के वेतन का शीघ्र भुगतान कराया जाए।
प्रभावित कर्मचारियों एवं अधिकारियों के हितों की रक्षा हेतु प्रशासन तत्काल हस्तक्षेप करे।
भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
विप्र सेवा संघ ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकरण में मानवीय,संवेदनशील एवं न्यायोचित दृष्टिकोण अपनाते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि प्रभावित श्रमिकों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों को न्याय मिल सके।
"श्रमिकों का सम्मान, राष्ट्र का सम्मान है।""न्याय में विलंब, न्याय से वंचित करने के समान है।"
इस अवसर पर पुरुषोत्तम यादव,पंचराज सिंह,संजय सिंह, सुरेश सिंह,विजय पाल सिंह, देवेंद्र शुक्ला,मनोज कुमार तिवारी,गोपाल गुरुंग,संतोष कुमार तिवारी,प्रदीप शुक्ला, मनीष कुमार जायसवाल,अमन प्रसाद द्विवेदी,योगेंद्र प्रसाद तिवारी,फिरोज अहमद, उमाकांत साकेत,मोतीलाल पटेल,कमलेश कुमार श्रीवास्तव, मोहम्मद अफजल, सुरेंद्र पाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी, श्रमिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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