जनपद अध्यक्ष के खिलाफ 22 सदस्यों ने सौंपा अविश्वास प्रस्ताव, भ्रष्टाचार और हस्तक्षेप के लगाए आरोप
रीवा : जिले की एक जनपद पंचायत में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सहित 22 निर्वाचित सदस्यों ने जनपद अध्यक्ष संगीता यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कलेक्टर एवं जिला प्रशासन को शिकायत पत्र सौंपा है। शिकायत में अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं, मनमानी कार्यप्रणाली तथा पंचायत संचालन में पारदर्शिता की कमी के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि जनपद अध्यक्ष के पति पंचायत के प्रशासनिक एवं विकास कार्यों में अनधिकृत रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं, जिससे निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका प्रभावित हो रही है। सदस्यों का कहना है कि कई महत्वपूर्ण निर्णय जनप्रतिनिधियों से पर्याप्त चर्चा किए बिना लिए जा रहे हैं, जिससे असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई है।
अविश्वास प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपाध्यक्ष एवं महिला सदस्यों के साथ कथित रूप से अमर्यादित व्यवहार किया गया। सदस्यों का आरोप है कि जनपद क्षेत्र में विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में समानता का अभाव है तथा कुछ पंचायतों की उपेक्षा की जा रही है।
शिकायत पत्र में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने की मांग करते हुए संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया गया है। साथ ही जनपद अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर विचार कर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाने की मांग भी प्रशासन से की गई है।
अविश्वास प्रस्ताव और शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में उपाध्यक्ष सहित सुनीता द्विवेदी, विकास चतुर्वेदी, सरोज साहू, अमित कुमार मिश्रा, महाकालेश्वर मिश्रा, श्रवण कुमार मिश्रा, गीता शुक्ला, करुणा गुप्ता, दयावती पाठक, शेषमणि पटेल, रूपा सिंह, ममता पटेल, ललिता साकेत, अन्नू चौरसिया, आशा देवी चौरसिया, रामानुज कोल, अर्चना सिंह, ऊषा कोल, ऊषा साकेत, अर्चना शुक्ला, सूर्यवती रजक एवं पुष्पा कोल शामिल हैं।
जनपद पंचायत में उत्पन्न इस विवाद ने स्थानीय राजनीति को गर्मा दिया है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई और संभावित जांच प्रक्रिया पर टिकी हैं।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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