एचएसआरपी की अनिवार्यता बनी परेशानी, स्लॉट के लिए हफ्तों इंतजार,फिटनेस-परमिट नवीनीकरण भी प्रभावित

रीवा : हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) की अनिवार्यता के बीच रीवा जिले के हजारों वाहन मालिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से पुराने वाहनों के मालिकों के लिए ऑनलाइन स्लॉट नहीं मिलने और फिटमेंट में हो रही देरी के कारण फिटनेस,परमिट, टैक्स एवं अन्य परिवहन संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे लोगों को परिवहन कार्यालय और अधिकृत एजेंसी के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
परिवहन विभाग के निर्देशों के तहत अब पुराने वाहनों पर भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना आवश्यक किया जा रहा है। ऐसे में जिन वाहनों में एचएसआरपी नहीं लगी है,उनके कई परिवहन संबंधी कार्य समय पर नहीं हो पा रहे हैं। वाहन मालिकों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद फिटमेंट के लिए कई सप्ताह बाद की तारीख मिल रही है। कई मामलों में स्लॉट दूसरे शहरों के लिए आवंटित हो रहे हैं या फिर निर्धारित तिथि में बदलाव कर दिया जाता है।
क्या है एचएसआरपी?
एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) एल्युमिनियम से बनी विशेष नंबर प्लेट होती है, जिसमें लेजर-एन्ग्रेव्ड यूनिक कोड, क्रोमियम आधारित होलोग्राम और अन्य सुरक्षा फीचर शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य फर्जी नंबर प्लेटों पर रोक लगाना,वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण करना तथा वाहनों की पहचान को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
2019 से नए वाहनों पर अनिवार्य
देशभर में वर्ष 2019 से सभी नए वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी गई थी। इसके बाद विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से पुराने वाहनों पर भी एचएसआरपी लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई। मध्यप्रदेश में भी परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के तहत अब कई परिवहन सेवाओं के लिए एचएसआरपी को आवश्यक बनाया जा रहा है।
रिन्यूअल प्रक्रिया पर पड़ रहा असर
वाहन मालिकों का कहना है कि एचएसआरपी नहीं लग पाने के कारण फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट नवीनीकरण, टैक्स संबंधी कार्य तथा अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं प्रभावित हो रही हैं। अधिकृत एजेंसी की सीमित क्षमता, लंबी वेटिंग और कई बार ऑनलाइन सर्वर में आने वाली तकनीकी दिक्कतों से समस्या और बढ़ गई है।
व्यावसायिक वाहन संचालकों को आर्थिक नुकसान
बस,ट्रक,टैक्सी एवं अन्य व्यावसायिक वाहन संचालकों का कहना है कि फिटनेस और परमिट का नवीनीकरण समय पर नहीं होने से कई वाहन संचालन से बाहर हैं। इससे प्रतिदिन आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और परिवहन व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।
वाहन मालिकों की प्रमुख समस्याएं
* ऑनलाइन स्लॉट के लिए कई दिनों से लेकर हफ्तों तक इंतजार।
* नंबर प्लेट उपलब्ध होने के बाद भी फिटमेंट में देरी।
* फिटनेस, परमिट और अन्य परिवहन संबंधी कार्य प्रभावित।
* परिवहन कार्यालय और अधिकृत एजेंसी के बार-बार चक्कर।
* व्यावसायिक वाहनों के बंद रहने से प्रतिदिन आर्थिक नुकसान।
* कई बार ऑनलाइन सर्वर की तकनीकी समस्या से आवेदन प्रक्रिया बाधित।
वाहन मालिकों ने परिवहन विभाग से एचएसआरपी फिटमेंट की क्षमता बढ़ाने, अतिरिक्त स्लॉट उपलब्ध कराने तथा तकनीकी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है, ताकि लोगों को समय पर परिवहन संबंधी सेवाएं मिल सकें।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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