क्या अब भी बरकरार है 'ताकत'? पूर्व कथित पीए राजीव तिवारी की नई पदस्थापना पर उठे सवाल
रेवा : डिप्टी सीएम के पूर्व कथित पीए रहे राजीव तिवारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी हालिया तबादला आदेश में उनकी पदस्थापना शिक्षा महाविद्यालय में किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक सवालों की बौछार शुरू हो गई है।
29 जून 2026 को जारी तबादला आदेश के बाद कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि शिक्षकों के प्रशिक्षण से जुड़े संस्थान में उनकी नियुक्ति किन मानकों और प्रशासनिक आधारों पर की गई। हालांकि, इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
जॉइनिंग को लेकर भी चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि पदभार ग्रहण करने के दौरान राजीव तिवारी कथित रूप से भाजपा का झंडा लगी चार गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
पहले भी विवादों में रहा नाम
राजीव तिवारी का नाम पूर्व में भी विवादों से जुड़ चुका है। अनूपपुर की एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस में शिकायत के बाद उन्हें मंत्री आवास से हटाए जाने की खबरें सामने आई थीं। उन मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रही है तथा किसी भी आरोप पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए इन आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता।
कॉलेज परिसर में भी चर्चाओं का दौर
तबादला आदेश के बाद शिक्षा महाविद्यालय के कर्मचारियों के बीच भी इस पदस्थापना को लेकर चर्चाएं होने की बात कही जा रही है। हालांकि, संस्थान अथवा शिक्षा विभाग की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
उठ रहे हैं कई सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कई सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं—
* क्या यह पूरी तरह नियमित प्रशासनिक तबादला है?
* क्या इस पदस्थापना के पीछे केवल विभागीयआवश्यकता थी या अन्य कारण भी रहे?
* क्या शिक्षा विभाग इस नियुक्ति के औचित्य पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखेगा?
इन सवालों के जवाब संबंधित विभाग और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
फिलहाल इतना तय है कि राजीव तिवारी की नई पदस्थापना ने एक बार फिर उस विवाद को चर्चा में ला दिया है, जिसे कुछ समय पहले समाप्त माना जा रहा था।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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