विगत 15 दिनों से रूपौली का शासकीय आयुष होम्योपैथी औषधालय बना शोपीस,इलाज के लिए भटक रहे मरीज

रीवा : मध्यप्रदेश के रीवा जिले की ग्राम पंचायत रूपौली स्थित शासकीय आयुष होम्योपैथी औषधालय पिछले 15 दिनों से बिना डॉक्टर के संचालित हो रहा है। डॉ. रेणु धुर्वे के स्थानांतरण के बाद आज तक नए चिकित्सक की पदस्थापना नहीं की गई,जिससे पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।
आश्चर्य की बात यह है कि जिस औषधालय पर आसपास के कई गांवों के हजारों ग्रामीण इलाज के लिए निर्भर हैं,वहां डॉक्टर की व्यवस्था तक नहीं की जा सकी। नतीजा यह है कि रोज मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं,लेकिन डॉक्टर न मिलने पर मायूस होकर वापस लौटने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि डॉ. रेणु धुर्वे के कार्यकाल में लोगों को बेहतर उपचार मिलता था और छोटी-मोटी बीमारियों के लिए रीवा शहर नहीं जाना पड़ता था। लेकिन उनके स्थानांतरण के बाद स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। सवाल यह है कि आखिर 15 दिनों से स्वास्थ्य विभाग किस बात का इंतजार कर रहा है?
लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए शासकीय औषधालय में यदि डॉक्टर ही नहीं रहेगा तो ऐसे अस्पताल का क्या औचित्य है? क्या ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं देना केवल कागजों तक सीमित रह गया है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को ग्रामीणों की पीड़ा दिखाई नहीं दे रही?
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल नए चिकित्सक की पदस्थापना करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई तो वे जनआंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

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