एक माह से सचिव विहीन रूपौली पंचायत,जिम्मेदारों की चुप्पी पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल

रेवा - सचिव का तबादला हुआ,लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था करना भूला प्रशासन?समग्र से लेकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र तक के काम प्रभावित। ग्राम पंचायतों में शासन की योजनाओं और ग्रामीणों के जरूरी दस्तावेजी कार्यों को गति देने के दावे भले ही किए जाते हों,लेकिन ग्राम पंचायत रूपौली में पिछले करीब एक माह से सचिव का पद खाली पड़ा होना इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। तत्कालीन सचिव रीना मिश्रा के स्थानांतरण के बाद आज दिनांक तक न तो किसी नए सचिव की पदस्थापना की गई और न ही पंचायत में किसी अन्य सचिव को नियमित प्रभार सौंपा गया। सचिव के अभाव में पंचायत के रोजमर्रा के कामकाज पर सीधा असर पड़ने की बात सामने आ रही है। समग्र से जुड़े कार्य,जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित पंचायत स्तर पर होने वाले विभिन्न जरूरी कार्य प्रभावित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों को अपने काम के लिए पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं,लेकिन जिम्मेदारी संभालने वाला अधिकारी-कर्मचारी नहीं होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

तबादला हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब पंचायत सचिव का स्थानांतरण करीब एक माह पहले हो चुका था, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की? क्या ग्रामीणों की मूलभूत जरूरतों से जुड़े पंचायत कार्यों के लिए किसी वैकल्पिक सचिव को प्रभार सौंपना इतना मुश्किल था? ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की अनुपस्थिति का खामियाजा सीधे आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पंचायत से संबंधित छोटे-बड़े कामों के लिए ग्रामीणों को बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। खासतौर पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और समग्र संबंधी कार्यों में परेशानी की बात ग्रामीणों द्वारा कही जा रही है।

पंचायत व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

ग्राम पंचायत सचिव पंचायत के प्रशासनिक और दस्तावेजी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में करीब एक माह तक पंचायत को सचिव विहीन छोड़ देना स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि सचिव का स्थानांतरण पहले ही हो गया था तो उसके स्थान पर नए सचिव की पदस्थापना अथवा किसी अन्य सचिव को अतिरिक्त प्रभार देने की प्रक्रिया समय रहते क्यों नहीं की गई? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को ग्रामीणों की परेशानी का इंतजार था?

ग्रामीणों की मांग—तत्काल हो पदस्थापना

ग्रामीणों ने संबंधित जनपद पंचायत एवं प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि रूपौली ग्राम पंचायत में तत्काल नए सचिव की पदस्थापना की जाए अथवा किसी अन्य सचिव को प्रभार सौंपा जाए, ताकि ठप पड़े पंचायत संबंधी कार्यों को गति मिल सके। अब सवाल यह है कि करीब एक माह से सचिव विहीन रूपौली पंचायत की सुध आखिर कब ली जाएगी? क्या प्रशासन ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सचिव की पदस्थापना करेगा या फिर ग्रामीणों को अपने जरूरी कामों के लिए इसी तरह पंचायत के चक्कर काटते रहना पड़ेगा?

रिपोर्टर - अर्जुन 

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