लोकायुक्त कार्रवाई के बाद निलंबन की मांग,पार्षदों ने डॉ. कल्याण सिंह पर लगाए गंभीर आरोप
गुढ़ : नगर परिषद गुढ़ की सियासत में चल रहे विवाद के बीच अब स्वास्थ्य विभाग से जुड़े डॉ. कल्याण सिंह को लेकर भी मामला गरमा गया है। नगर परिषद के पार्षदों ने संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, रीवा संभाग को आवेदन सौंपकर डॉ. कल्याण सिंह को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। आवेदन में चिकित्सक के खिलाफ कथित अनियमितताओं, आपराधिक प्रकरण, व्यापम मामले और लोकायुक्त की कार्रवाई का हवाला देते हुए विभागीय स्तर पर कड़ी जांच और कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
पुराने मामलों को लेकर पार्षदों ने खोला मोर्चा
पार्षदों के आवेदन के अनुसार डॉ. कल्याण सिंह पूर्व में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुढ़ में पदस्थ रहे हैं। आरोप लगाया गया है कि उनकी पदस्थापना के दौरान कई तरह की अनियमितताओं को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि शासन स्तर पर पूर्व में उनकी सेवाओं को समाप्त किए जाने की कार्रवाई हुई थी।
पार्षदों ने वर्ष 2015 के व्यापम परीक्षा से जुड़े मामले का भी उल्लेख करते हुए दावा किया है कि एसटीएफ पुलिस द्वारा डॉ. कल्याण सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुढ़ से गिरफ्तार किया गया था और वे लंबे समय तक जेल में रहे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवेदन के आधार पर नहीं हो सकी है।
10 हजार की रिश्वत के कथित ट्रैप का हवाला
आवेदन में 3 नवंबर 2025 की लोकायुक्त कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्षदों का दावा है कि डॉ. कल्याण सिंह को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस रीवा ने ट्रैप किया था। आवेदन के मुताबिक कार्रवाई के बाद उन्हें निलंबित कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिरमौर से संबद्ध किया गया।
सरकारी पद पर रहते हुए नगर परिषद की राजनीति में दखल का आरोप
पार्षदों ने आरोप लगाया है कि डॉ. कल्याण सिंह शासकीय दायित्वों के बजाय गुढ़ में आकर नगर परिषद के पार्षदों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आवेदन में दावा किया गया है कि वे पार्षदों को अपनी पत्नी एवं नगर परिषद अध्यक्ष अर्चना सिंह के समर्थन में आने के लिए कथित रूप से धमकाते हैं और समर्थन नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया गया है।
पार्षदों का कहना है कि अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच इस तरह के कथित दबाव से राजनीतिक माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। आवेदन में कई महिला पार्षदों द्वारा सुरक्षा को लेकर भय की स्थिति होने का भी दावा किया गया है।
विभाग से जांच और तत्काल निलंबन की मांग
पार्षदों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से डॉ. कल्याण सिंह की कथित अनुपस्थिति, शासकीय दायित्वों के निर्वहन, राजनीतिक गतिविधियों तथा पार्षदों को कथित धमकी दिए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही लोकायुक्त कार्रवाई सहित आवेदन में उल्लेखित सभी मामलों की विभागीय जांच कर डॉ. कल्याण सिंह को तत्काल निलंबित करने की मांग की गई है।
अब सवाल यह है कि पार्षदों के इस आवेदन पर स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है। मामला सीधे एक सरकारी चिकित्सक की कथित भूमिका और नगर परिषद के राजनीतिक विवाद से जुड़ा होने के कारण विभागीय जांच पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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