भवन निर्माण विवाद में सेन परिवार पर कथित हमला,ईंट-पत्थर और डंडों से मारपीट का आरोप पुलिस की भूमिका पर भी सवाल
रीवा : सिरमौर चौराहा क्षेत्र में पी.के. स्कूल के समीप भवन निर्माण को लेकर विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। सेन परिवार ने पड़ोसी भवन निर्माणकर्ता और उसके परिजनों पर एकजुट होकर ईंट-पत्थर और डंडों से हमला करने, महिलाओं के साथ मारपीट करने तथा जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना में अंजली सेन समेत परिवार के कई सदस्यों के घायल होने का दावा किया गया है। मामले में पुलिस की कथित देरी और शिकायत पर समय रहते कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
जमीन की सीमा और निर्माण को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
पीड़ित परिवार के मुताबिक, पड़ोसी बनवारी लाल गुप्ता द्वारा पुराने मकान को गिराकर कथित रूप से सेन परिवार की जमीन की ओर करीब तीन फीट अंदर निर्माण कराया जा रहा था। परिवार का कहना है कि इसको लेकर पहले से आपत्ति जताई जा रही थी। आरोप है कि भवन की छत ढलाई के दौरान सेन परिवार की ओर करीब सात फीट छज्जा निकाले जाने का विरोध करने पर विवाद और भड़क गया।
महिलाओं समेत परिवार पर हमला करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, अंजली सेन, सावित्री सेन, सीमा सेन और शुभम सेन सहित परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान बनवारी लाल गुप्ता,अभिषेक गुप्ता,अमित गुप्ता और संगीता गुप्ता समेत अन्य लोगों ने कथित रूप से एकजुट होकर मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान ईंट-पत्थर और डंडों से हमला किया गया, जिससे परिवार के कई सदस्य घायल हुए। घटना ने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अंजली सेन की आंख के पास गंभीर चोट का दावा
पीड़िता अंजली सेन ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर भी ईंट-पत्थर से हमला किया गया। शिकायत में आंख के पास गंभीर चोट लगने और उपचार के दौरान कई टांके आने का उल्लेख किया गया है। परिवार का कहना है कि चोट के बाद चेहरे और आंख के आसपास सूजन तथा रक्तस्राव हुआ। उपचार के दौरान उल्टियां, सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत भी बताई गई है।
परिवार ने आंख की रोशनी प्रभावित होने की आशंका भी जताई है। हालांकि चोटों की वास्तविक स्थिति और चिकित्सकीय निष्कर्ष की पुष्टि संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड से होना बाकी है।
पहले भी विवाद सुलझाने की कोशिश,वीडियो होने का दावा
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना से पहले भी उन्होंने मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन कथित रूप से उस दौरान भी उनके साथ मारपीट की गई। परिवार ने ऐसी घटना का वीडियो अपने पास होने का दावा किया है।
15 अगस्त को थाने पहुंचने का दावा, फिर भी नहीं रुका विवाद?
मामले का सबसे गंभीर पहलू पुलिस को लेकर लगाए गए आरोप हैं। शिकायत में सेन परिवार ने दावा किया है कि घटना से एक दिन पहले 15 अगस्त 2026 को अंजली के पिता विनोद सेन मामले की जानकारी देने थाने पहुंचे थे।
परिवार का आरोप है कि थाना प्रभारी ने उनकी पूरी बात गंभीरता से सुनने के बजाय कथित रूप से अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और उन्हें वहां से जाने को कहा। पीड़ित पक्ष का सवाल है कि यदि उस समय शिकायत को गंभीरता से लिया जाता और दोनों पक्षों के बीच विवाद को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते, तो क्या बाद की कथित मारपीट को रोका जा सकता था?
गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार में भय का आरोप
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद भी आरोपियों के परिवार के किसी सदस्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है।
परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच हो और पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई पर नजर है। खास सवाल यह है कि निर्माण विवाद की जानकारी पहले से होने के बावजूद स्थिति हिंसक होने तक क्यों पहुंची और शिकायत के स्तर पर समय रहते क्या कदम उठाए गए थे।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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