पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी किसी भी धर्म का नहीं ओढ़ सकते दुपट्टा- शिव सिंह

रेवा : भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के रीवा अल्प प्रवास दौरान रीवा एयरपोर्ट में भाजपा जिला अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता के साथ पुलिस अधीक्षक रीवा गुरु करण सिंह के रामनामी दुपट्टा ओढ़े जाने को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव शिव सिंह ने संवैधानिक पक्ष रखते हुए कहा कि कोई भी पुलिस के वरिष्ठ या किसी भी रैंक के अधिकारी ड्यूटी और आधिकारिक वर्दी में किसी भी विशेष धर्म पंथ या आस्था का प्रतीक दुपट्टा पटका या स्कार्फ नहीं पहन सकते हैं।उन्होंने कहा कि पुलिस वर्दी और आचरण के नियम मुताबिक धर्मनिरपेक्षता पुलिस बल को एक निष्पक्ष गैर-पक्षपातपूर्ण  संस्था मानती है। वर्दी यह दर्शाती है कि अधिकारी का संबंध किसी विशेष धर्म से नहीं बल्कि सीधे राज्य और कानून के शासन से है।धार्मिक प्रतीकों पर रोक: देश के कई राज्यों के पुलिस मैनुअल और मुख्यालयों के अनुसार ड्यूटी के दौरान वर्दी के साथ तिलक चंदन कलावा या किसी भी प्रकार के धार्मिक वस्त्र चिह्न प्रदर्शित करने की सख्त मनाही होती है। उन्हें विशेष वेशभूषा की अनुमति नहीं है विशिष्ट सेवाओं और पुलिस नियमावली में केवल वही पोशाक और एसेसरीज मंजूर हैं जो आधिकारिक रूप से निर्धारित हैं। किसी धार्मिक आयोजन या व्यक्तिगत आस्था के तहत वर्दी पर ऐसा कोई अतिरिक्त वस्त्र जैसे धार्मिक दुपट्टा या पटका ओढ़ना अनुशासन के नियमों का उल्लंघन माना जाता है।

 

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी

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