झमाझम बारिश से पुष्पेन्द्र तिवारी के घर में घुसा पानी, सालभर का अनाज हुआ बर्बाद
रेवा : मध्यप्रदेश के रीवा जिले की ग्राम पंचायत रूपौली में विगत दिवस हुई झमाझम बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज बारिश के बाद गांव में जगह-जगह जलभराव के हालात बन गए और बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। कहीं खपरैल मकान धराशायी हुए तो कहीं घरों में रखा अनाज और गृहस्थी का सामान पानी में डूबकर बर्बाद हो गया।
बारिश की मार सीधे घर की रसोई तक पहुंची। रूपौली निवासी पुष्पेन्द्र कुमार तिवारी (पप्पू) के घर में भी बारिश का पानी घुस गया। घर के अंदर सालभर के भोजन के लिए रखा अनाज पानी में पूरी तरह डूब गया। पानी में भीगने के बाद अनाज खराब होकर सड़ गया, जिससे परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। अचानक हुए इस नुकसान से परिवार के सामने अब पूरे साल के खाद्यान्न की चिंता खड़ी हो गई है।
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश से पहले नालियों और पानी की निकासी के रास्तों की सफाई एवं व्यवस्था दुरुस्त कर दी जाती तो कई परिवारों को इस तरह के नुकसान से बचाया जा सकता था।
लगातार बारिश के बीच ग्रामीणों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जाते।
प्रशासन से सर्वे और राहत की मांग
बारिश से प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके पर पहुंचकर नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए और पात्र परिवारों को राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब और किसान परिवारों के लिए सालभर का अनाज बर्बाद होना मामूली नुकसान नहीं है। ऐसे में प्रशासन को केवल स्थिति का जायजा लेने तक सीमित न रहकर प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचानी चाहिए।
सवाल यह है कि हर साल बारिश में जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद जल निकासी की स्थायी व्यवस्था आखिर कब होगी
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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