दोपहर एक बजे आंगनबाड़ी केंद्र पर ताला! कार्यकर्ता-सहायिका गायब,सरकारी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

रीवा : रीवा जिले की सिरमौर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत बधरा में आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन को लेकर कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। दोपहर करीब एक बजे केंद्र पर ताला लटका मिला, जबकि इस समय केंद्र के संचालन की अपेक्षा थी। केंद्र बंद होने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभागीय व्यवस्था और जिम्मेदारों की निगरानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

वायरल वीडियो में आंगनबाड़ी केंद्र के मुख्य द्वार पर स्पष्ट रूप से ताला लगा दिखाई दे रहा है।मौके पर न तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नजर आती हैं और न ही सहायिका। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब केंद्र के संचालन का समय था, तब आखिर केंद्र बंद क्यों था और जिम्मेदार कर्मचारी कहां थे?

बच्चों और हितग्राहियों की सेवाओं पर सवाल

आंगनबाड़ी केंद्र महज एक कमरा नहीं,बल्कि छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और अन्य हितग्राहियों तक पोषण एवं बाल विकास संबंधी सेवाएं पहुंचाने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है।यदि केंद्र निर्धारित समय में ही बंद मिले तो इसका सीधा असर हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके की जांच,कार्यकर्ता-सहायिका की उपस्थिति की पड़ताल और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम सही है तो संबंधित कर्मचारियों से जवाब-तलब होना चाहिए।

निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल

मामला केवल केंद्र के बंद मिलने तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी आखिर किस स्तर पर निरीक्षण कर रहे हैं। अगर निरीक्षण व्यवस्था प्रभावी है तो दिन के एक बजे केंद्र पर ताला कैसे लटका मिला?
अब विभागीय जांच पर नजरें टिक गई हैं। जांच में यदि केंद्र निर्धारित समय में बिना उचित कारण बंद पाया जाता है और कर्मचारियों की गैरहाजिरी सामने आती है,तो जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है,यह देखने वाली बात होगी।
बड़ा सवाल यही है—सरकार बच्चों और हितग्राहियों के लिए आंगनबाड़ी व्यवस्था चला रही है या फिर कागजों में चल रहे केंद्रों से ही व्यवस्था पूरी मानी जा रही है? बधरा के इस मामले ने जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच अंतर को लेकर तीखी बहस छेड़ दी है।

रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.