प्राइवेट अस्पतालों में लूट, सरकारी अस्पतालों में मौत!स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल दें इस्तीफा
रेवा : संजय गांधी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत को लेकर सपा नेता का तीखा हमला, बोले—पीजी छात्रों और नर्सिंग स्टाफ के भरोसे चल रही स्वास्थ्य व्यवस्था। मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं अधिवक्ता शिव सिंह ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल पर तीखा हमला बोला है। रीवा के संजय गांधी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों के परिजनों से आर्थिक वसूली और सरकारी अस्पतालों में लापरवाही का सिलसिला लगातार बढ़ रहा है। शिव सिंह ने कहा कि विगत दिवस संजय गांधी अस्पताल में मिश्रा परिवार के साथ हुई दर्दनाक घटना ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। उनका आरोप है कि चिकित्सकों की कथित लापरवाही और ड्यूटी से अनुपस्थिति के चलते जच्चा और बच्चे की जान चली गई। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि प्रदेश की चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
‘डॉक्टर गायब,पीजी छात्र और नर्सिंग स्टाफ के भरोसे व्यवस्था’ सपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की नियमित मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं और कई जगह चिकित्सा व्यवस्था पीजी छात्रों एवं नर्सिंग स्टाफ के भरोसे संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी अस्पतालों में सक्रिय कथित दलालों और एजेंटों के माध्यम से मरीजों के परिजनों को निजी अस्पतालों की ओर भेजे जाने की शिकायतें भी हैं। शिव सिंह ने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों में मरीज भेजे जाने पर कथित कमीशन का खेल चलता है। हालांकि,इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उन्होंने प्रस्तुत नहीं की। ‘प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराओ तो जमीन-जायदाद बिकने की नौबत
शिव सिंह ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च इतना अधिक है कि सामान्य परिवार आर्थिक संकट में पहुंच जाते हैं और कई बार उन्हें अपनी संपत्ति तक बेचने की नौबत आ जाती है। उन्होंने रीवा के निजी अस्पतालों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कथित आर्थिक अनियमितताओं और कमीशन व्यवस्था का खुलासा हो सकता है। ‘सफेदपोशों तक पहुंच रही रकम’—शिव सिंह का गंभीर आरोप शिव सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें सूत्रों के माध्यम से रीवा के निजी अस्पतालों से कथित तौर पर हर माह बड़ी रकम प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी तरह का कथित नेटवर्क प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होने पर बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है। गोविंदगढ़ में प्रस्तावित संस्था को लेकर भी उठाए सवाल
सपा नेता ने रीवा के गोविंदगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित एक बड़ी संस्था के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इसमें स्वास्थ्य मंत्री की कथित साझेदारी होने की जानकारी उन्हें सूत्रों से मिली है तथा रीवा के कई नामी निजी अस्पतालों के चिकित्सकों के इसमें शामिल होने की बात सामने आई है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की दस्तावेजी जांच कराकर वास्तविकता सार्वजनिक की जाए। अस्पताल प्रबंधन को लेकर भी लगाए आरोप
शिव सिंह ने संजय गांधी अस्पताल के अधीक्षक और डीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के अधीक्षक को उपमुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताया जाता है और डीन को भी राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। इन दावों की पुष्टि के लिए उन्होंने कोई आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया।
उन्होंने कहा कि यदि अस्पताल प्रशासन को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की धारणा बनी रहेगी तो मरीजों की मौत के मामलों में निष्पक्ष जवाबदेही कैसे तय होगी, यह बड़ा सवाल है। होटल निरीक्षण के वायरल वीडियो का भी उठाया मुद्दा
शिव सिंह ने सोशल मीडिया पर वायरल बताए जा रहे एक वीडियो का हवाला देते हुए रीवा के एक होटल में एसडीएम द्वारा किए गए कथित निरीक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान होटल संचालक ने किसी प्रभावशाली व्यक्ति से फोन पर बात कराई और कथित तौर पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही गई, जिसके बाद अधिकारी बिना कार्रवाई लौट गए। हालांकि,इस वायरल वीडियो में किए गए दावों और फोन पर हुई कथित बातचीत की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। शिव सिंह ने कहा कि यदि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता से खिलवाड़ होगा तो लोग बीमार पड़ेंगे और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने पर उन्हें बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था मिलना चाहिए, न कि लापरवाही का सामना करना पड़े।
‘स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते मंत्री’ शिव सिंह ने कहा कि लगातार सामने आ रही शिकायतों, अस्पतालों में कथित लापरवाही और निजी अस्पतालों से जुड़े आरोपों की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी स्वास्थ्य मंत्री की है।
उन्होंने कहा कि “जब सरकारी अस्पतालों में मरीज सुरक्षित नहीं हैं और निजी अस्पतालों में इलाज आम आदमी की पहुंच से बाहर होता जा रहा है, तो स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?” सपा नेता ने मांग की कि प्रदेशभर के सरकारी और निजी अस्पतालों की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन और कथित बिचौलियों पर कठोर कार्रवाई हो। अंत में शिव सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से तत्काल इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने में विफल है तो जनता के प्रति जवाबदेही तय होनी चाहिए।
रिपोर्टर : अर्जुन तिवारी
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