बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर कांग्रेस का बड़ा हमला, 8 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव

रेवा - युवा कांग्रेस-NSUI ने खोला मोर्चा,संजय गांधी अस्पताल से लेकर नर्सिंग छात्रों के मुद्दे पर सरकार को घेरा,युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिज्ञान शुक्ला बोले—जवाबदेही से नहीं बच सकती भाजपा सरकार। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय की कार्यप्रणाली और रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने अब सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। लगातार सामने आ रहे विवादों, मरीजों की सुरक्षा से जुड़े सवालों और नर्सिंग विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर युवा कांग्रेस एवं NSUI 8 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव करेंगे।

युवा कांग्रेस के प्रदेश मीडिया विभाग अध्यक्ष अभिज्ञान शुक्ला ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदेश की सबसे बदतर व्यवस्थाओं में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र के लाखों लोगों की उम्मीद संजय गांधी अस्पताल से जुड़ी है, लेकिन अस्पताल में इलाज के साथ मरीजों और परिजनों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है।

कल्पना मिश्रा की मौत ने खड़े किए गंभीर सवाल

प्रसूता कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत का मामला एक बार फिर कांग्रेस ने आंदोलन के केंद्र में रखा है। अभिज्ञान शुक्ला ने कहा कि इस घटना ने अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने सीधे तौर पर डीन डॉ. सुनील अग्रवाल को तत्काल बर्खास्त करने की मांग भी उठाई है।
मृत घोषित व्यक्ति के जिंदा मिलने के विवाद से भी गरमाया मामला

संजय गांधी अस्पताल में मृत घोषित किए गए व्यक्ति को लेकर सामने आए विवाद ने भी अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। जिस व्यक्ति को मृत मानकर आगे की प्रक्रिया के लिए भेजे जाने की बात सामने आई, उसके जीवित होने की जानकारी से अस्पताल की चिकित्सकीय जांच और प्रोटोकॉल पर सवाल उठे। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि मरीज की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी थी तो बाद में उपचार की स्थिति कैसे बनी? आंदोलनकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर यह तय किया जाना चाहिए कि आखिर गलती कहां हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

नर्सिंग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप

आंदोलन सिर्फ संजय गांधी अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। नर्सिंग विद्यार्थियों की परीक्षा और परिणाम से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी युवा कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। अभिज्ञान शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नर्सिंग छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के परीक्षा और परिणाम जैसे महत्वपूर्ण विषय लंबे समय तक लंबित रहना विभागीय लापरवाही और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

स्वास्थ्य मंत्री पर सीधा निशाना

अभिज्ञान शुक्ला ने स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री स्वयं रीवा से विधायक हैं, तब रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था का यह हाल होना सरकार की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि यदि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए परेशान होना पड़े, अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लगातार सवाल उठें और विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर सड़क पर उतरने को मजबूर हों, तो सरकार को जवाब देना ही होगा।

इन मुद्दों पर सरकार से मांगा जवाब

युवा कांग्रेस और NSUI ने संजय गांधी अस्पताल की व्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच, कल्पना मिश्रा प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई के साथ डीन की बर्खास्तगी की मांग रखी है। इसके अलावा प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था का विशेष ऑडिट, निर्धारित मापदंडों के बिना संचालित स्वास्थ्य संस्थानों की जांच, निजी अस्पतालों में कथित मनमानी वसूली की शिकायतों की प्रभावी जांच और नर्सिंग विद्यार्थियों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई है। नर्सिंग कॉलेजों को दी गई मान्यताओं और निरीक्षण प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच तथा भ्रष्टाचार अथवा आर्थिक अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी आंदोलन में शामिल रहेगी।
8 सितंबर को सड़क पर होगा कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि अब मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा। 8 सितंबर को युवा कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव कर सरकार से जवाब मांगेंगे। अभिज्ञान शुक्ला ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता को सुरक्षित, बेहतर और जवाबदेह स्वास्थ्य व्यवस्था दिलाने की लड़ाई है। अब सरकार को तय करना होगा कि वह जनता के सवालों का जवाब देगी या आंदोलन की आवाज को नजरअंदाज करेगी।

रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.