घटना के बाद ही क्यों जागता है प्रशासन?संजय गांधी अस्पताल की लगातार घटनाओं से आम आदमी में भय-अविराज

रीवा। संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विंध्य क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा माने जाने वाले इस अस्पताल में बार-बार घटनाओं का सामने आना व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रहा है। हालात ऐसे हैं कि मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं, लेकिन परिजनों के मन में अब सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

समाजसेवी अविराज ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर प्रशासन हर बार किसी बड़ी घटना के बाद ही क्यों जागता है? क्या व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए किसी और गंभीर हादसे का इंतजार किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि अस्पताल वह स्थान है जहां मरीज और उनके परिजन विश्वास लेकर पहुंचते हैं। यदि अस्पताल परिसर में ही उन्हें सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भय महसूस होने लगे तो यह बेहद गंभीर स्थिति है। केवल घटना के बाद जांच,कार्रवाई और व्यवस्थाओं में बदलाव की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि घटना होने से पहले उसे रोकने की व्यवस्था विकसि करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

अविराज ने कहा कि संजय गांधी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था,मरीजों की निगरानी, चिकित्सकीय प्रक्रियाओं और जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था की समग्र समीक्षा की आवश्यकता है। छोटी-बड़ी घटनाओं को अलग-अलग देखने के बजाय अस्पताल की पूरी व्यवस्था का ऑडिट किया जाना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि आखिर बार-बार ऐसी परिस्थितियां क्यों बन रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कमियां पहले से मौजूद थीं तो उन्हें दूर करने के लिए घटना का इंतजार क्यों किया गया? जिम्मेदार अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही केवल घटना के बाद शुरू नहीं होनी चाहिए, बल्कि नियमित निगरानी और समय रहते सुधार की प्रक्रिया लगातार चलनी चाहिए।

अविराज ने प्रशासन से मांग की कि हालिया घटनाओं की निष्पक्ष एवं गंभीर समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जाए, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए,मरीजों की निगरानी के लिए प्रभावी सिस्टम बनाया जाए और लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि संजय गांधी अस्पताल को ऐसी जगह बनाया जाना चाहिए जहां मरीज इलाज के भरोसे के साथ प्रवेश करे,न कि किसी अनहोनी की आशंका लेकर। जनता के भरोसे के साथ किसी भी कीमत पर खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।

रिपोर्टर - अर्जुन तिवारी 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.